RBI ने सोना बेचने की खबरों का किया खंडन, कहा- स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर बरकरार
नई दिल्ली, 3 जून। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्वर्ण भंडार को लेकर मीडिया में आई खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि उसने अपने सोने के भंडार का कोई हिस्सा नहीं बेचा है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसके पास मौजूद भौतिक स्वर्ण भंडार वर्तमान में 880.52 टन है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

आरबीआई ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार का हिस्सा बेचा है, लेकिन ये रिपोर्टें पूरी तरह गलत हैं।केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसके स्वर्ण भंडार से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से आरबीआई के मासिक बुलेटिन में प्रकाशित की जाती है और यह जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
रिजर्व बैंक ने कहा, ‘भौतिक स्वर्ण भंडार की मात्रा 880.52 टन पर यथावत बनी हुई है।’ साथ ही आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस तरह के मामलों में केवल आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
A news report published by @Bloomberg states that RBI may have sold gold amounting to approximately USD 12 billion.#PIBFactCheck
❌ This claim is FAKE
✔️ According to @RBI, the share of gold in India's foreign exchange reserves rose from 13.92% at end-September 2025 to 16.70%… pic.twitter.com/eVjxPxEv1i
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 3, 2026
हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आरबीआई ने 22 मई, 2026 को समाप्त दो सप्ताह की अवधि में लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सोना बेचा है। रिपोर्ट में कहा गया था कि रुपये पर दबाव और बढ़ते आयात बिल के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया। हालांकि वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने भी इस दावे को खारिज कर दिया था।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। सितम्बर, 2025 के अंत में यह हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। वहीं 22 मई, 2026 तक यह और बढ़कर 16.85 प्रतिशत पर पहुंच गई।
मई के अंतिम सप्ताह तक कुल विदेशी मुद्रा भंडार 686-703 अरब डॉलर के बीच
केंद्रीय बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक मई के अंतिम सप्ताह तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 686 अरब डॉलर से 703 अरब डॉलर के बीच रहा जबकि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 550 अरब डॉलर से अधिक रहीं। इसी अवधि में स्वर्ण भंडार का मूल्य भी 1.13 लाख करोड़ रुपये से ऊपर दर्ज किया गया।
