TMC नेता आशीष बनर्जी के सुसाइड नोट में छलका दर्द- ‘राजनीति में आना मेरी गलती थी’

कोलकाता, 16 अगस्त। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की रविवार को रहस्यमय मौत को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

ममता बोलीं – उनपर लगातार दबाव डाला गया और बार-बार बदनाम किया गया

इस क्रम में टीएमसी प्रमुख व राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने करीबी नेता व पांच बार के पूर्व विधायक 75 वर्षीय आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि उनपर लगातार दबाव डाला गया और उन्हें बार-बार बदनाम किया गया।

सीएम शुभेंदु ने भी जताया दुख, मामले की निष्पक्ष जांच का परिवार को दिया आश्वासन

वहीं बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पूर्व मंत्री बनर्जी के निधन पर गहरा दुख जताने के साथ दोपहर में उनके परिवार से वीडियो काल पर भी बातचीत की। इसके साथ ही सीएम शुभेंदु ने टीएमसी नेता की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच का भी आश्वासन दिया है।

फिलहाल 75 वर्षीय बजुर्ग प्रोफेसर आशीष बनर्जी ने अपने सुसाइड नोट में जो दर्द बयां किया है, उसने राजनीति में ईमानदार छवि के लोगों को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। इन सुसाइट नोट में उन्होंने राजनीति में अपने लंबे सफर, भ्रष्टाचार के आरोपों और उन्हें बदनाम किए जाने के प्रयासों को जिक्र किया और यह लिखा कि राजनीति में आना उनकी गलती थी।

‘कभी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहा’

रामपुरहाट सीट से पांच बार विधायक रह चुके आशीष ने लिखा, ‘मैं छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ा रहा हूं। मैं कभी किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहा। मैं बर्दवान यूनिवर्सिटी में छात्र संगठन का जनरल सेक्रेटरी बना। वहां भी, मैं कभी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहा। पॉलिटिकल मतभेद तो रहे हैं, लेकिन वे कभी पर्सनल दुश्मनी में नहीं बदले। हालांकि मैं पार्टी के अंदर होने वाली सभी गलतियों को कभी मान नहीं सका, लेकिन मैं उनका विरोध भी नहीं कर पाया। अपनी पूरी जिंदगी में, मैंने कभी किसी काम के बदले एक पैसा भी नहीं लिया।’

‘TRDA को लेकर मुझे बदनाम करने व बेइज्जत करने की कोशिशें की गईं

टीएमसी नेता ने दावा किया कि तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में उनके पास बहुत कम अधिकार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और बेइज्जत करने की कोशिश में कई काम किए गए। बदनाम करने की  कोशिशों पर क्षोभ व्यक्त करते हुए आशीष ने लिखा कि अब उन्हें लगता है कि राजनीति में आना एक गलती थी।

परिजनों को राजनीति में नहीं आने की सलाह

उन्होंने लिखा, ‘आम मीटिंग में शामिल होने के अलावा TRDA में मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं थी। मैं टेंडर कमिटी का मेंबर नहीं था। मेरे पास चेक साइन करने या लेने का कोई अधिकार नहीं था। मैं प्लान मंज़ूर करने या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने में भी शामिल नहीं था। इन मामलों पर मुझसे कभी किसी ने बात नहीं की। मुझे बदनाम करने और बेइज्जत करने के लिए जो कुछ भी किया गया, मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूं। आज, मुझे लगता है कि राजनीति में आना एक गलती थी। मैं अपने परिवार के लड़कों को सलाह देता हूं कि वे पॉलिटिक्स में न आएं। उन्हें अपने-अपने प्रोफेशन में लगे रहने दें।’

पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर व 5 बार के TMC विधायक आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

आशीष बनर्जी अध्यापन पेशे से भी जुड़े थे। उन्होंने सुसाइड लेटर में अपने छात्रों को भी याद किया। उन्होंने लिखा, ‘मैंने पूरी जिंदगी पढ़ाया है। मैंने कभी कोई क्लास नहीं छोड़ी। मैंने स्पेशल क्लास लीं और कई स्टूडेंट्स को फ्री में पढ़ाया। मुझे उनसे बहुत प्यार मिला।’

‘मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं’

उन्होंने अपने परिवार वालों को भी अलग-अलग संबोधित किया और उन्हें शांत रहने की सलाह दी। पत्र के आखिर में, आशीष ने लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। हालांकि उन्होंने नोट में राजनीति से जुड़े किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई सीधा आरोप नहीं लगाया और न ही उन्होंने यह साफ किया कि किसने कथित तौर पर उन्हें बेइज्जत करने या बदनाम करने की कोशिश की थी।

RELATED ARTICLES

Most Popular