पीएम मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड FTA को बताया ऐतिहासिक, कहा- विकास के खुलेंगे नए रास्ते
नई दिल्ली, 27 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत व न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर खुशी जाहिर करते हुए इसे ऐतिहासिक करार दिया है और कहा है कि इससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा, ‘आज भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी में एक ऐतिहासिक पल है। मुझे खुशी है कि आज जिस भारत-न्यूजीलैंड एफटीए पर हस्ताक्षर हुए हैं, वह हमारी विकास साझेदारी को अभूतपूर्व गति देगा। यह उस गहरे भरोसे, साझा मूल्यों और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जो हमारे दोनों देशों को आपस में जोड़ते हैं।’
Today marks a landmark moment in the India-New Zealand partnership!
I am delighted that the India-New Zealand FTA signed today will add unprecedented momentum to our developmental partnership. It reflects the deep trust, shared values and ambition that bind our two nations.… https://t.co/WBHn4gb1yB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 27, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस समझौते से हमारे किसानों, युवाओं, महिलाओं, एमएसएमई, कारीगरों, स्टार्टअप्स, छात्रों और इनोवेटर्स को बहुत फायदा होगा। यह विकास के नए रास्ते खोलेगा, अवसर पैदा करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में हमारे तालमेल को और गहरा करेगा। न्यूजीलैंड द्वारा 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता कृषि, विनिर्माण, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करेगी, जिससे दोनों देशों के लिए एक अधिक समृद्ध और गतिशील भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।’
न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन बोले- यह एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता है
इससे पहले न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘एक साल से थोड़ा ज्यादा समय पहले मैं भारत में प्रधानमंत्री मोदी से मिला था। तब हम इस बात पर सहमत हुए थे कि हम एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे। दशकों तक, कई लोगों ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन आज उस डील पर साइन हुए।’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता है, जो न्यूजीलैंड एक्सपोर्टर्स को 1.4 बिलियन लोगों तक पहले कभी नहीं हुई पहुंच देता है और एक ऐसी अर्थव्यवस्था बनाता है, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाली है। इसका मतलब है खेतों और बगीचों में ज्यादा नौकरियां। इसका मतलब है स्थानीय समुदाय में ज्यादा पैसा आना और इसका मतलब है आपके परिवार के लिए आगे बढ़ने के ज्यादा मौके।’
