Assam Flood: शिवसागर में बाढ़ से तबाही, 16 दिनों से लकड़ी के तख्त पर रहने को मजबूर बुजुर्ग दंपत्ति, राहत अभियान तेज
शिवसागर, 4 जुलाई। असम के शिवसागर जिले में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई गांव जलमग्न हैं और लोगों के घरों में पानी भर जाने से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस बीच विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने राहत अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
असम भाषिक सांख्यालघु परिषद की ओर से शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरित की गई। राहत अभियान में असम गण परिषद (AGP) के शिवसागर जिला अध्यक्ष घाना गोगोई समेत पार्टी के कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। संगठन की ओर से प्रभावित परिवारों को खाद्य सामग्री और आवश्यक सामान उपलब्ध कराया गया।
16 दिनों से लकड़ी के तख्त पर रहने को मजबूर बुजुर्ग दंपत्ति
शिवसागर के भदहरा गांव में रहने वाला एक बुजुर्ग दंपत्ति बाढ़ की त्रासदी का दर्द झेल रहा है। डोरिका नदी के तेज बहाव में उनके घर का एक हिस्सा बह गया, जिससे उनकी रहने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग अपनी पत्नी की देखभाल कर रहे हैं, जिन्हें देखने और सुनने में कठिनाई होती है। टूटी हुई झोपड़ी में रहने की जगह न होने के कारण दोनों पिछले 16 दिनों से ईंटों पर रखे लकड़ी के अस्थायी तख्त पर जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
महिला संगठन ‘अपरूपा’ ने संभाली राहत की जिम्मेदारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में महिला संगठन ‘अपरूपा’ भी राहत कार्य में जुटा हुआ है। संगठन की प्रतिनिधि लूना लीला ने बताया कि 76 महिला समूहों से सहयोग राशि एकत्र की गई है और 22 से 23 महिलाएं मिलकर बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि हालात बेहद कठिन हैं और समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा बोले- अब पुनर्निर्माण पर होगा फोकस
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में बाढ़ राहत अभियान अब अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। सरकार राहत वितरण के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण का काम भी व्यवस्थित तरीके से शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार को सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
400 प्रतिशत अधिक बारिश बनी तबाही की वजह
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊपरी असम में सामान्य से करीब 400 प्रतिशत अधिक बारिश होने के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। जिन जिलों में सामान्य तौर पर बाढ़ नहीं आती, वहां भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और राज्य सरकार के तीन मंत्री आपदा शुरू होने के बाद से ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
चराईदेव का दौरा कर लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चराईदेव जिले का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है, लेकिन असम सरकार और केंद्र सरकार मिलकर प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगी।
