नई दिल्ली, 4 जुलाई। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय टीम का मंगलवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, परिजन, खेल अधिकारी और समर्थक एयरपोर्ट पहुंचे। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और भारत माता के जयघोष के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों ने इस सम्मान के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वागत उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने का प्रयास जारी रहेगा।
96 साल के इतिहास में मुक्केबाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 वर्षों के इतिहास में पहली बार भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने इसे भारतीय बॉक्सिंग ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सभी सहयोगी संस्थाओं को देते हुए कहा कि भारतीय मुक्केबाजों की पहचान अब वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत हुई है।
साक्षी चौधरी बोलीं- यह गोल्ड पूरे देश का है
स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने एयरपोर्ट पर मिले भव्य स्वागत पर खुशी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का प्यार और सम्मान देखकर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और हरियाणा सरकार के निरंतर सहयोग तथा बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की बदौलत यह सफलता मिली है। साक्षी ने अपना स्वर्ण पदक देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि आगे भी वे भारत के लिए इसी तरह शानदार प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगी।
परिवार ने जताया गर्व
साक्षी के दादा सतपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी पोती की उपलब्धि पर बेहद गर्व है। उन्होंने युवाओं से मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं, उनकी भाभी प्रिया ने कहा कि साक्षी की जीत पूरे परिवार के लिए भावुक कर देने वाला पल था। गोल्ड मेडल जीतने की खबर मिलते ही पूरा परिवार खुशी से झूम उठा और अब सभी उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
एशियन गेम्स की तैयारी में जुटेंगे खिलाड़ी
भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद देश लौटने पर मिला सम्मान खिलाड़ियों का उत्साह कई गुना बढ़ाने वाला है। उन्होंने सेना और भारत सरकार के सहयोग को सफलता का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा, जिसमें एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियां शुरू की जाएंगी।
अरुंधति चौधरी का अगला लक्ष्य वर्ल्ड कप
भारतीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना, आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस को दिया। उन्होंने कहा कि सैनिक होने के नाते देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अब उनका पूरा ध्यान उज्बेकिस्तान में होने वाले वर्ल्ड कप पर है और उसके लिए वे पूरी मेहनत से तैयारी करेंगी।
नरेंद्र बेरवाल बोले- अब नजर एशियन गेम्स पर
90 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाले मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि प्रतियोगिता की तैयारी कई महीने पहले शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी भारतीय खेल प्राधिकरण तथा बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पटियाला शिविर में होती है। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा फोकस एशियन गेम्स पर रहेगा।
पैरा-एथलीटों ने भी बढ़ाया देश का मान
पुरुषों की एफ-57 शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमन राणा ने कहा कि यह पदक पूरे देश, भारतीय सेना और उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनके सफर में साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है। महिलाओं की एफ-57 शॉट पुट स्पर्धा की स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ ने कहा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और सहयोग के लिए आभार जताते हुए भविष्य में भी भारत के लिए अधिक पदक जीतने का संकल्प दोहराया।
भारत खेल महाशक्ति बनने की ओर
पैरा-एथलीट सुवर्णा राज ने विश्वास जताया कि 2016 के बाद से भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और आने वाले वर्षों में भारत खेलों की दुनिया में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। वहीं, शॉट पुट खिलाड़ी शुभम जुयाल ने कहा कि देश के लिए पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई अहम पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने यह भी कहा कि चार वर्ष बाद कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे और घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन के लिए भारतीय खिलाड़ी अभी से तैयारी शुरू करेंगे।
