यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 182 पीसीएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों के एसडीएम बदले
लखनऊ, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। जारी सूची के अनुसार कई जिलों के एसडीएम, विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी), सहायक नगर आयुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इस व्यापक फेरबदल में लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, कानपुर नगर, प्रयागराज, गाजीपुर, उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी, मथुरा, अयोध्या, रामपुर और गोरखपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों के अधिकारी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी तबादला आदेश के तहत प्रशांत कुमार को उन्नाव से बहराइच का एसडीएम बनाया गया है। वहीं कुमार संजय को जालौन, ध्रुव शुक्ला को गाजीपुर, अभय कुमार सिंह को राजस्व परिषद में विशेष कार्याधिकारी और मनोज प्रकाश को जालौन का एसडीएम नियुक्त किया गया है। अरविंद कुमार सिंह को मैनपुरी, पुष्पेंद्र पटेल को अंबेडकरनगर, योगेश कुमार गौड़ को सहारनपुर और राजेश कुमार अग्रवाल को बहराइच में एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अनुज नेहरा को यूपी आवास एवं विकास परिषद, लखनऊ में सहायक आवास आयुक्त बनाया गया है, जबकि ज्योति शर्मा को कानपुर नगर और अरुण कुमार को गौतमबुद्धनगर का एसडीएम नियुक्त किया गया है। सरकार ने कई अधिकारियों को विकास प्राधिकरणों और नगर निगमों में भी नई जिम्मेदारियां दी हैं। ऋतुप्रिया को कानपुर विकास प्राधिकरण, लवगीत कौर को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, हर्षिता तिवारी को नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और इला प्रकाश को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा निकिता को गाजियाबाद नगर निगम, नवोदिता शर्मा को प्रयागराज नगर निगम और ज्वाला प्रसाद को अयोध्या नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात किया गया है।
तबादला सूची में लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी, आगरा, बरेली, गाजीपुर, बाराबंकी, मथुरा, अंबेडकरनगर, बागपत, रायबरेली, उन्नाव, जौनपुर, हरदोई, देवरिया, कुशीनगर, अमरोहा, बिजनौर, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, अयोध्या, सोनभद्र, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, महराजगंज, लखीमपुर खीरी, गोंडा, अमेठी और अन्य जिलों में बड़ी संख्या में एसडीएम स्तर के अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। प्रदेश सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
