अयोध्या, 5 जुलाई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी विवाद और महासचिव पद से इस्तीफे के करीब दो महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय मंगलवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से अयोध्या में नजर आए। वह राम मंदिर से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने जगद्गुरु परमहंस आचार्य से बंद कमरे में मुलाकात की। तपस्वी छावनी में प्रवेश के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाने का प्रयास किया तो चंपत राय ने उंगली से इशारा कर अपने साथियों से कैमरे बंद कराने को कहा। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
‘अंतिम सांस तक अयोध्या ही रहेगा मेरा निवास’
मुलाकात के बाद जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बताया कि चंपत राय ने स्पष्ट कहा है कि उनका आना-जाना कहीं भी रहे, लेकिन उनका स्थायी निवास अयोध्या ही रहेगा और वे जीवन की अंतिम सांस तक यहीं रहेंगे। परमहंस आचार्य ने चंपत राय का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के कारण उनका विरोध कर रहे हैं, जबकि पूरे सनातन समाज में उनका सम्मान है।
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद दिया था इस्तीफा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी का मामला 6 जून 2026 को सामने आया था। विवाद बढ़ने के बाद चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। फिलहाल सेवानिवृत्त IFS अधिकारी कृष्ण मोहन कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
2 सितंबर की बैठक में नए महासचिव पर फैसला संभव
ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता बजरंग लाल बागड़ा को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया जा सकता है। वहीं राम मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। इस पद के लिए पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर सहित 5,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन नामों को अंतिम चयन के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
चोरी मामले में 8 आरोपी जेल में
चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी वर्तमान में फैजाबाद जेल में बंद हैं।

