पश्चिम बंगाल : पुलिस की छापेमारी में TMC नेता शमीम अहमद के घर के नीचे मिला आलीशान तहखाना!
कोलकाता, 12 मई। पश्चिम बंगाल में मध्य हावड़ा के शिवपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चर्चित एवं विवादास्पद नेता शमीम अहमद के घर पुलिस की छापेमारी के दौरान एक आलीशान अंडरग्राउंड तहखाना मिला है।
पुलिस की मानें तो यह तहखाना काफी लग्जरी तरीके से बनाया गया है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी थी। इसमें कई अंडरग्राउंड कमरे, महंगे फर्नीचर, बेड, टीवी समेत कई ब्रांडेड आइटम मिली हैं। इतना ही नहीं तहखाने की निगरानी के लिए CCTV कैमरे तक लगे हुए थे। घर के अंदर छिपा हुआ आलीशान अंडरग्राउंड तहखाना देखकर अधिकारी हैरान रह गए।
शमीम चुनावी हिंसा के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे
दरअसल, हावड़ा में शिबपुर चौराबस्ती इलाके में हुई चुनावी हिंसा और बमबाजी मामले में आरोपित अहमद मध्य हावड़ा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक जाने-माने स्थानीय नेता हैं। वह चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के चलते गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। अहमद के ठिकाने के बारे में मिली जानकारियों पर काररवाई करते हुए शिवपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने वार्ड 36 में स्थित उनके घर पर यह छापेमारी की थी।
छापेमारी करने गए अधिकारियों को घर का बाहरी हिस्सा आस-पड़ोस के बाकी घरों जैसा ही सामान्य लग रहा था। लेकिन अंदर का नजारा किसी ‘महल’ जैसा था। एक छिपे हुए दरवाजे के पीछे, जांचकर्ताओं को एक सीक्रेट सुरंग मिली, जो एक आलीशान सुइट तक जाती थी। इस सीक्रेट कमरे की सजावट बेहद शानदार थी। इसमें हाथ से तराशा हुआ कीमती फर्नीचर, डिजाइनर ड्रेसिंग टेबल और महंगे फिक्स्चर लगे थे।
तहखाने के अंदर ब्रांडेड सामान देखने वालों ने किसी फिल्मी सेट जैसा बताया। इस तहखाने ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता के पास ऐसी आलीशान जीवनशैली जीने के लिए इतना पैसा कहां से आया।

तखखाने में मौजूद लग्जरी सामान देख अधिकारी अचंभित
सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि तहखाने के अंदर कई कमरे बने हुए हैं। हर कमरे में लग्जरी सामान मौजूद हैं। फ्रिज और अन्य लग्जरी आइटम्स की मौजूदगी ने भी जांच जांच अधिकारियों को चौंका दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इतनी भारी-भरकम लग्जरी सुविधाओं वाला अंडरग्राउंड सेटअप कैसे और किस पैसे से बनाया गया। तहखाना सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
पूर्व मंत्री अरुप रॉय के करीबी शमीम का आपराधिक इतिहास
शमीम अहमद को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली टीएमसी सरकार में मंत्री रहे अरुप रॉय का बेहद करीबी माना जाता है। आठ मई को हुई बंगाल चुनावी हिंसा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया था कि तृणमूल से जुड़े बदमाशों ने उनके अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए बमबाजी और फायरिंग की थी। भाजपा कार्यकर्ता पर हुए हमले के मामले में आरोपित फिलहाल फरार है। आरोप है कि इस हमले में भारी पथराव, बमबारी और गोलीबारी हुई थी, जिसमें शमीम का अहम भूमिका थी।
कई वर्ष पहले रामनवमी शोभायात्रा पर हमले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं शमीम
वैसे देखा जाए तो जांच एजेंसियों से शमीम अहमद का पहली बार पाला नहीं पड़ा है। कई वर्ष पहले हावड़ा में रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए हिंसक हमले में कथित संलिप्तता के आरोप में उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गिरफ्तार किया था। अपने विवादित अतीत के बावजूद बताया जाता है कि TMC सरकार की छत्रछाया में उनका काफी दबदबा बना हुआ था।
