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कोलकाता : बहुमंजिला इमारत में आग से 4 हजार EVM खाक, विपक्षी ने उठाए सवाल, साजिश की आशंका

कोलकाता : बहुमंजिला इमारत में आग से 4 हजार EVM खाक, विपक्षी ने उठाए सवाल, साजिश की आशंका

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कोलकाता, 13 जून। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बहुमंजिला सरकारी इमारत में भीषण आग लगने से करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर खाक हो गईं। बताया जा रहा है कि नष्ट हुई ये मशीनें इसी साल राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान 10 प्रमुख सीटों पर इस्तेमाल की गई थीं। इस बड़ी घटना के बाद राज्य से लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने चुनाव आयोग व केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

वहीं प्रशासन ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसमें दक्षिण 24 परगना जिला परिषद सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय संचालित होते हैं। आग इतनी भयावह थी कि इस पर पूरी तरह काबू पाने में दमकल विभाग को करीब 24 घंटे का लंबा समय लगा। आगजनी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इमारत की ऊपरी मंजिलों से आग की लपटें उठती देखी जा सकती हैं।

विपक्ष हमलावर: “क्या यह सबूत मिटाने की कोशिश थी?”

घटना के तुरंत बाद विपक्षी दलों ने इसे सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए तीखे सवाल दागे हैं।TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “चुनाव आयोग हमेशा सवालों से बच नहीं सकता। जब इन EVM और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए पहले ही अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था, तो फिर ऐसी घटना कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ एक हादसा था या अहम सबूतों को मिटाने की कोई सुनियोजित साजिश?” टीएमसी के अनुसार, जली हुई मशीनें कस्बा, जादवपुर, बेहाला ईस्ट, बेहाला वेस्ट, मेटियाबुरुज, सतगछिया और डायमंड हार्बर जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों से जुड़ी थीं।

आम आदमी पार्टी (आप) ने भी वीडियो शेयर करते हुए पूछा कि आखिर एक सरकारी भवन में इतनी भीषण आग कैसे लगी और हजारों EVM इसकी चपेट में कैसे आ गईं? इसके लिए भाजपा को जवाब देना चाहिए। वहीं कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार और चुनाव आयोग को तुरंत स्थिति साफ करनी चाहिए कि आग नौवीं और दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंची।

दमकल मंत्री को साजिश का अंदेशा

पश्चिम बंगाल के दमकल और आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने इस घटनाक्रम पर बड़ा बयान देते हुए कहा : “यह आग सामान्य नहीं लगती है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले दूसरी और तीसरी मंजिल पर देखी गई थी, लेकिन इसके बाद यह सीधे सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं मंजिल पर पहुँच गई। बीच की चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को ज्यादा नुकसान पहुँचाए बिना आग इतनी ऊपर कैसे पहुंच गई? इसलिए इसमें किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।”

दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही है, जबकि भाजपा नेता राकेश सिंह ने इसे एक सुनियोजित घटना करार दिया है। हालांकि, किसी भी पक्ष की ओर से अभी तक कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया गया है।

SIT गठित, फॉरेंसिक जांच शुरू :

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की आधिकारिक शिकायत के बाद अलीपुर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके से साक्ष्य और नमूने जुटा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी या इसे जानबूझकर किसी शरारत या साजिश के तहत लगाया गया था।

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