1. Home
  2. हिन्दी
  3. खेल
  4. ताइपे ओपन : तन्वी शर्मा ने करिअर का पहला BWF विश्व टूर खिताब जीतने के साथ रचा इतिहास
ताइपे ओपन : तन्वी शर्मा ने करिअर का पहला BWF विश्व टूर खिताब जीतने के साथ रचा इतिहास

ताइपे ओपन : तन्वी शर्मा ने करिअर का पहला BWF विश्व टूर खिताब जीतने के साथ रचा इतिहास

0
Social Share

 

ताइपे सिटी, 2 अगस्त। विश्व जूनियर चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता किशोरवय भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने यहां ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने अभियान को खिताबी मुकाम तक पहुंचाया और रविवार को खेले गए महिला एकल फाइनल में वियतनाम की छठी सीड थुई लिह्न एनगुएन को सीधे गेमों में हराकर अपना पहला BWF विश्व टूर खिताब जीत लिया। इसके साथ ही तन्वी ने प्रतियोगिता में नए अध्याय का भी सृजन किया और ताइपे ओपन की सबसे कम उम्र चैम्पियन बन बैठीं।

छठी सीड थुई लिह्न एनगुएन को सीधे गेमों में हराया

पिछले वर्ष अमेरिकी ओपन सुपर 300 में उप विजेता रहीं पंजाब की 17 वर्षीय तन्वी ने ताइपे एरेना में खेले गए दिन के पहले मैच में एनगुएन को सिर्फ 36 मिनट में 21-16, 21-16 से शिकस्त देने के साथ बाजी मारी।

ताइपे ओपन की सबसे कम उम्र चैम्पियन बनीं

अपने युवा करिअर की सबसे बड़ी जीत के ठीक बाद विश्व रैंकिंग में 32वें नंबर पर काबिज तन्वी को जब यह पता चला कि वह ताइपे ओपन के इतिहास में सबसे कम उम्र की चैम्पियन बन गई हैं तो उनकी पहली प्रतिक्रिया सचमुच हैरानी भरी थी। अपनी आदर्श शटलर ताई जू यिंग का रिकॉर्ड तोड़ने वाली तन्वी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘सच में? मुझे इस बारे में पता नहीं था। यह बहुत सम्मान की बात है। ताई मेरी आदर्श हैं। यह खिताब जीतकर मैं सचमुच बहुत खुश हूं।’

वस्तुतः तन्वी ने अपनी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व खेल दिखाया। सिर्फ 17 वर्ष व 223 दिन की उम्र में वह उस उम्र से लगभग आठ महीने छोटी हैं, जब पांच बार की विजेता ताई ने 2012 में 18 वर्ष व 109 दिन की उम्र में अपना पहला ताइपे ओपन खिताब जीता था।

दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता और पूर्व विश्व नंबर एक पीवी सिंधु के पूर्व मेंटर (मार्गदर्शक) पार्क ताए संग से कोचिंग लेने वालीं तन्वी अपने निडर आक्रामक खेल और प्रदर्शन में शानदार निरंतरता के साथ भारत की सबसे चमकदार बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरी हैं।

पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक शटलर तन्वी की प्रतिभा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि वह विश्व जूनियर चैम्पियनशिप के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली भारतीय बनीं थीं। उन्होंने लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक के अलावा मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। वह उस भारतीय टीम की भी सदस्य थीं, जिसने एशियाई टीम चैम्पियनशिप में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था।

तन्वी 16 साल की उम्र में 2025 अमेरिकी ओपन में अपने पहले सुपर 300 फाइनल में पहुंचीं थीं। वह इस वर्ष ओडिशा मास्टर्स तथा गुवाहाटी मास्टर्स में भी उप विजेता रहीं और दुनिया की शीर्ष 35 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।

तन्वी 17 वर्ष 222 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट भी बनीं थीं। इस क्रम में उन्होंने कोरिया के महान युगल खिलाड़ी ली योंग डे को पीछे छोडा था, जो 2006 में पुरुष युगल फाइनल में पहुंचने पर 17 वर्ष 287 दिन के थे।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code