केतन अग्रवाल हत्याकांड : सिया गोयल के कथित वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

पुणे, 30 जून। केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। खुद को आरोपी सिया गोयल का अधिवक्ता बताने वाले एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल ने मीडिया के सामने उनके खिलाफ झूठे और भ्रामक बयान देकर उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया।

‘सिया ने विधिवत वकालतनामा दिया’

कानूनी नोटिस में एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का दावा है कि सिया गोयल ने विधिवत वकालतनामा (Authority Letter) पर हस्ताक्षर कर उन्हें अपना कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया था। उनके अनुसार, यह नियुक्ति किसी मौखिक दावे या मीडिया प्रचार के आधार पर नहीं, बल्कि एक बालिग आरोपी की कानूनी सहमति से हुई है। नोटिस में कहा गया है कि हस्ताक्षरित मूल वकालतनामा सक्षम अदालत में पहले ही दाखिल किया जा चुका है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित न्यायालय के समक्ष अन्य मूल दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

‘कोर्ट ने वकालतनामा रिकॉर्ड पर लिया’

आशुतोष श्रीवास्तव ने दावा किया है कि वडगांव मावल कोर्ट ने उनके वकालतनामे को स्वीकार कर रिकॉर्ड पर भी ले लिया है। इसके बावजूद साहिल गोयल ने बिना किसी कानूनी दस्तावेज की जांच किए और उनसे संपर्क किए बिना सार्वजनिक रूप से उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए। नोटिस में कहा गया है कि ऐसे बयानों से लोगों के बीच यह गलत धारणा बनी कि उन्होंने बिना अधिकार के खुद को सिया गोयल का वकील बताया या मामले में अनुचित तरीके से हस्तक्षेप किया।

‘बयानों से प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ’

एडवोकेट श्रीवास्तव का कहना है कि साहिल गोयल के बयानों के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, धमकियों, आपत्तिजनक फोन कॉल और पेशेवर बदनामी का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि इससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर नोटिस में साहिल गोयल से मांग की गई है कि वे अपने कथित मानहानिकारक बयान वापस लें, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें और भविष्य में इस तरह के आरोप दोबारा न लगाने का लिखित आश्वासन दें।

10 करोड़ के हर्जाने की चेतावनी

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मानहानि हर्जाने की मांग करते हुए सिविल मुकदमा दायर किया जाएगा।

साहिल गोयल ने उठाए थे नियुक्ति पर सवाल

यह विवाद सोमवार को अदालत में सुनवाई से पहले सामने आया, जब साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। साहिल का कहना था कि परिवार ने कभी आशुतोष श्रीवास्तव को अपना वकील नियुक्त नहीं किया। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि संभव है सिया गोयल के हस्ताक्षर धोखे से लिए गए हों।

परिवार ने दूसरे वकील को बताया अधिकृत

साहिल गोयल ने स्पष्ट किया कि परिवार की ओर से एडवोकेट विपुल दुशिंग को अधिकृत वकील नियुक्त किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में अदालत में हलफनामा भी दाखिल किया जा चुका है। साहिल ने यह आरोप भी लगाया कि एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की ओर से उनके परिवार को धमकियां दी गई हैं। फिलहाल, यह विवाद केतन अग्रवाल हत्याकांड से इतर एक अलग कानूनी लड़ाई का रूप लेता दिखाई दे रहा है। मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं और आगे की स्थिति अदालत की कार्यवाही और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular