नई दिल्ली, आठ अक्टूबर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम में क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के तहत जोश (संयुक्त स्वास्थ्य दल) टीमों का शुभारंभ किया।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा, पहुंच और प्रतिबद्धता का उपयोग करते हुए क्षय रोग की रोकथाम, शीघ्र निदान, समय पर उपचार और बीमारी से जुड़े कलंक को कम करने का संदेश देशभर के समुदायों तक पहुंचाना है। इस अवसर पर नड्डा ने कहा कि युवा नेतृत्व वाली सामुदायिक काररवाई के जरिए भारत के क्षय रोग उन्मूलन अभियान को नई गति दी जाएगी।
क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने पर जोर
जेपी नड्डा ने जोश टीमों के शुभारंभ को क्षय रोग के खिलाफ भारत की सामूहिक लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि क्षय रोग मुक्त भारत की दिशा में देश का प्रयास अब केवल पारंपरिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तक सीमित नहीं है बल्कि जन भागीदारी और सामुदायिक सहभागिता के साथ जन आंदोलन का रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग उन्मूलन का लक्ष्य केवल सरकारी हस्तक्षेप से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए समुदायों, नागरिकों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

युवाओं की ऊर्जा और पहुंच को अभियान से जोड़ने की पहल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिबद्धता और व्यापक पहुंच क्षय रोग उन्मूलन अभियान को नई गति दे सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्वाचित प्रतिनिधियों और सामुदायिक नेतृत्व को अभियान से जोड़ने के बाद अब जमीनी स्तर पर समुदायों के साथ सीधे काम करने वाले स्वयंसेवकों का व्यापक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के सहयोग की सराहना की, जिसके माध्यम से जोश पहल को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।
जागरूकता से आगे जांच और पूरा उपचार सुनिश्चित करना जरूरी
नड्डा ने कहा कि जोश टीमों का उद्देश्य केवल जानकारी का प्रसार करना नहीं है, बल्कि समुदायों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना, लोगों की आशंकाएं दूर करना और उन्हें समय पर जांच एवं उपचार के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग के खिलाफ रणनीति में जागरूकता और स्क्रीनिंग के साथ निदान, उपचार और उपचार पूरा होने तक मरीज को आवश्यक सहयोग देना भी शामिल होना चाहिए।
During the National Launch of ‘JOSH’ Teams for the #TBMuktBharat Campaign in New Delhi. https://t.co/G5IFWUDaVK
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) October 8, 2026
सक्रिय केस फाइंडिंग पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भी हो सकते हैं, जो क्षय रोग से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें अपनी बीमारी की जानकारी नहीं है और वे औपचारिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से बाहर हैं। ऐसे लोगों की जल्द पहचान करना समय पर उपचार शुरू करने के साथ परिवार और समुदाय में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने जोश टीमों से कमजोर आबादी की पहचान करने, लक्षणों वाले लोगों को जांच के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें उपचार व्यवस्था से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भारत में टीबी के मामलों में 21% की कमी
जेपी नड्डा ने भारत में क्षय रोग के खिलाफ हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की नवीनतम रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भारत में क्षय रोग के मामलों में 21% की कमी आई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह गिरावट 12% रही है। भारत में उपचार कवरेज बढ़कर 92% हो गया है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 78% है। उन्होंने कहा कि मामलों में कमी और उपचार तक पहुंच, दोनों क्षेत्रों में भारत की प्रगति वैश्विक रुझानों से आगे है।
उपलब्धियों के बावजूद प्रयासों में ढिलाई नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों से आत्मसंतुष्ट होने की जरूरत नहीं है। प्रयासों की गति को और तेज करना होगा, ताकि क्षय रोग से पीड़ित हर व्यक्ति की पहचान हो, उसे समय पर उपचार मिले और उपचार पूरा होने तक आवश्यक सहयोग दिया जाए। उन्होंने कहा कि यही क्षय रोग मुक्त भारत के सामूहिक संकल्प को मजबूत करेगा।
तकनीक से स्क्रीनिंग और निदान को बनाया जा रहा आसान
नड्डा ने क्षय रोग के खिलाफ अभियान में प्रौद्योगिकी और नवाचार की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग और निदान को समुदायों के करीब लाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों से लैस पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के जरिए संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा त्वरित आणविक निदान तकनीक से क्षय रोग की पुष्टि और दवा प्रतिरोध की पहचान में मदद मिल रही है, जिससे मरीजों को उचित उपचार समय पर उपलब्ध कराया जा सके।
कलंक और भेदभाव खत्म करने में युवाओं की भूमिका
उन्होंने जोश टीमों से लोगों की बात सुनने, उनकी चिंताओं को दूर करने और क्षय रोग से जुड़े भय तथा कलंक को कम करने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षय रोग की रोकथाम और इलाज संभव है और बीमारी से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को भेदभाव या सामाजिक अलगाव का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली तथा तंबाकू और नशीले पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में भी समुदायों को जागरूक करने पर जोर दिया।
Alongside Union Ministers Shri @mansukhmandviya and Shri @SethSanjayMP and Delhi Chief Minister, Smt. @gupta_rekha, rolled out Joint Squad for Health (JOSH) Teams across 55 districts in 11 States/UTs, harnessing the energy of our youth to accelerate the mission of TB free India.
Each JOSH Team, comprising 5 MY Bharat volunteers and 5 NCC cadets, led by a Class I officer, will spearhead youth-led grassroots action at block/ward level for TB prevention, early diagnosis, timely treatment and stigma reduction.
Under the visionary leadership of Hon’ble PM Shri @narendramodi ji, India’s fight against TB has become a Jan Andolan. I am happy to share that with collective action and community participation, we have been able to eliminate TB from 67,933 gram panchayats across the country.
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) October 8, 2026
उपचार पूरा होने तक मरीजों को सहयोग जरूरी
जेपी नड्डा ने कहा कि निदान उपचार की शुरुआत मात्र है। हर मरीज को उचित उपचार से जोड़ना और उसके ठीक होने तक सहयोग देना जरूरी है। उन्होंने दवाओं, पोषण संबंधी सहायता और उपचार के नियमित पालन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दवा प्रतिरोधी क्षय रोग के लिए कम अवधि वाले उपचार समेत उपचार विकल्पों को भी मजबूत किया गया है।
2030 से पहले टीबी उन्मूलन के लक्ष्य पर जोर
केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि जोश टीमें वर्ष 2030 से पहले क्षय रोग उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत के युवाओं की ऊर्जा का उपयोग करेंगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब नागरिक खुद इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं।
माय भारत और एनसीसी के युवाओं को जोड़ा गया
मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माय भारत को राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में युवाओं को जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने के मंच के रूप में विकसित किया है। उन्होंने बताया कि लाखों एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवकों को राष्ट्र सेवा और सामाजिक कार्यों के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से इन युवा स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम से जोड़ा गया है।
जमीनी स्तर पर टीबी मरीजों की पहचान में मदद करेंगी टीमें
मांडविया ने कहा कि जोश टीमों के स्वयंसेवक क्षय रोग से पीड़ित लोगों की पहचान करने, रोकथाम और पोषण के बारे में जागरूकता पैदा करने, मरीजों को उपचार और दवा का पालन करने के लिए प्रेरित करने तथा बीमारी से जुड़े कलंक को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर प्रयासों से भारत वर्ष 2030 से पहले क्षय रोग मुक्त होने का लक्ष्य हासिल कर सकता है।
पहले चरण में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 55 जिले
जोश टीमों की शुरुआत पहले चरण में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 55 जिलों में की गई है। ये टीमें जिला और ब्लॉक स्तर पर काम करेंगी और निगरानी तथा कार्यान्वयन के लिए डिजिटल तंत्र से जुड़ी होंगी। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में देशभर के सभी 804 जिलों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। शेष जिलों में टीमों के प्रशिक्षण और सक्रियता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
697 जिलों की 67,933 पंचायतों को मिली टीबी मुक्त मान्यता
कार्यक्रम में वर्ष 2026 में क्षय रोग मुक्त घोषित 697 जिलों की 67,933 पंचायतों को भी मान्यता दी गई। नड्डा ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, समुदाय के सदस्यों और स्वयंसेवकों को बधाई दी। उन्होंने इसे सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय नेतृत्व की ताकत का प्रतीक बताया।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बताया महत्वपूर्ण कदम
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ का स्वागत करते हुए इसे क्षय रोग उन्मूलन के प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पहल के जरिए अभियान को सीधे समुदायों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय को एक साथ लाने की सराहना की।
युवाओं की पहुंच से अभियान को मिलेगी ताकत
रेखा गुप्ता ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, समर्पण और व्यापक पहुंच जोश टीमों को क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई में प्रभावी ताकत बना सकती है। युवा स्वयंसेवक रोकथाम, शीघ्र निदान और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के साथ लोगों को समय पर इलाज कराने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जोश टीमें देशभर में युवा नेतृत्व वाली मजबूत ताकत के रूप में उभरेंगी।
रक्षा मंत्रालय भी अभियान में भागीदार
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई हर गांव, बस्ती और घर तक पहुंचनी चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां भय और सामाजिक कलंक के कारण लोग समय पर इलाज कराने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि क्षय रोग से बचाव और इसका इलाज दोनों संभव हैं। उन्होंने जोश टीमों से लोगों में विश्वास पैदा करने, जांच के लिए प्रोत्साहित करने और मरीजों को उपचार पूरा करने में सहयोग देने का आह्वान किया।
2030 से पहले लक्ष्य हासिल करने का भरोसा
संजय सेठ ने कहा कि एनसीसी कैडेट और माय भारत स्वयंसेवकों की ऊर्जा, समर्पण और व्यापक पहुंच क्षय रोग उन्मूलन अभियान को नई गति दे सकती है। उन्होंने युवाओं से जागरूकता फैलाने, जांच को प्रोत्साहित करने, स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने और मरीजों तथा उनके परिवारों के साथ खड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रयास विकसित भारत और क्षय रोग मुक्त भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
जोश फ्लिपबुक और ब्रोशर भी लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक सहभागिता मजबूत करने के लिए कई डिजिटल और सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) पहलों की शुरुआत की गई। जोश टीमों के लिए जोश फ्लिपबुक और जोश ब्रोशर जारी किए गए, जिनका इस्तेमाल जागरूकता और जमीनी स्तर की गतिविधियों में किया जाएगा।
12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी डिजिटल सुविधा
कार्यक्रम में ई-संगिनी की पहल ‘खुशी अवतार’ भी शुरू की गई। इसके जरिए क्षय रोग के लक्षणों और उपचार विकल्पों की जानकारी, बीमारी से जुड़े सामान्य सवालों के जवाब और मरीजों को समय पर दवा लेने की याद दिलाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह सेवा 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।
टीबी मुक्त भारत एप में जोश टीम फीचर
क्षय रोग मुक्त भारत एप पर जोश टीमों के लिए एक समर्पित फीचर भी लॉन्च किया गया। इसके जरिए युवा नेतृत्व वाली टीमों की गतिविधियों को समर्थन और सुविधा देने के साथ उनकी जमीनी गतिविधियों की वास्तविक समय में रिपोर्टिंग को मजबूत किया जाएगा।
5 माय भारत स्वयंसेवक और 5 एनसीसी कैडेट होंगे टीम में
जोश पहल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के सहयोग से लागू किया जा रहा है। प्रत्येक जोश टीम में पांच माय भारत स्वयंसेवक और पांच एनसीसी कैडेट शामिल होंगे। टीम का नेतृत्व ब्लॉक या वार्ड स्तर पर नामित प्रथम श्रेणी अधिकारी करेगा।
जागरूकता से लेकर उपचार तक टीमों की जिम्मेदारी
जोश टीमों को क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लिए सामुदायिक स्तर पर संपर्क सूत्र के रूप में काम करना है। वे क्षय रोग के लक्षणों, रोकथाम, शीघ्र निदान और उपचार पूरा करने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएंगी। इसके साथ ही भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा बीमारी से जुड़े कलंक और भेदभाव को कम करने के लिए परिवारों और समुदायों के साथ काम करेंगी।
अंतिम छोर तक पहुंच मजबूत करने की कोशिश
जोश टीमों का शुभारंभ क्षय रोग मुक्त भारत अभियान में युवाओं को सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकारी संस्थाओं, युवा स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, पंचायती राज संस्थाओं और समुदायों की संयुक्त भागीदारी से इस पहल का उद्देश्य क्षय रोग की रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार को अंतिम छोर तक पहुंचाना है।


