विधान परिषद : वाराणसी खंड शिक्षक चुनाव में सपा के लाल बिहारी यादव ने कायम रखी सीट, भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्र हारे

वाराणसी, 27 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को झटका लगा, जब विधान परिषद के लिए वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक चुनाव की जारी मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने अपनी सीट बरकरार रखी।

लाल बिहारी यादव ने मंगलवार देर रात्रि घोषित चुनाव परिणाम में भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्र को 514 मतों से हराया। लाल बिहारी यादव को प्रथम वरीयता के 10,958 वोट मिले जबकि डॉ. प्रमोद मिश्र को 6,060 वोट हासिल हुए।

लाल बिहारी यादव की जीत की घोषणा के साथ ही पहड़िया मंडी स्थित मतगणना स्थल के बाहर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। सपा समर्थकों ने लाल बिहारी का भव्य स्वागत किया और समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पक्ष में जमकर नारेबाजी की।

‘पुरानी पेंशन कराएंगे बहाल, मदरसों व सरकारी शिक्षकों का बकाया दिलाएंगे’

लाल बिहारी यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस विजय का श्रेय प्रदेश के शिक्षक समाज को दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की स्थिति बेहद दयनीय थी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताकर यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

लाल बिहारी ने गिनाईं अपनी प्राथमिकताएं

  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) : पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल कराने के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे।
  • मानदेय व बकाया वेतन : वित्तविहीन और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को उचित मानदेय दिलाने के साथ-साथ मदरसों में तैनात शिक्षकों का काफी समय से रुका हुआ बकाया वेतन भुगतान कराएंगे।
  • मुलायम सिंह यादव की विरासत : दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री ‘नेताजी’ मुलायम सिंह यादव को शिक्षक समाज हमेशा अपना सच्चा हितैषी मानता आया है और सपा उसी नीति पर काम करते हुए शिक्षकों का भरोसा कायम रखेगी।

भाजपा पर हमला – सीएम के प्रचार के बावजूद शिक्षकों ने सपा पर जताया भरोसा

लाल बिहारी यादव ने सत्तारूढ़ भाजपा की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा शासनकाल में शिक्षक समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा था और उनके बीच भारी रोष व्याप्त था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए सत्ता पक्ष ने हर संभव हथकंडे अपनाए। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सपा के खिलाफ चुनाव प्रचार में उतरे थे और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों (DIOS) तक को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, लेकिन शिक्षकों ने सरकार की नीतियों को नकारते हुए समाजवादी पार्टी पर अपना अटूट विश्वास प्रकट किया है।

‘2027 में बनेगी सपा सरकार, अखिलेश यादव बनेंगे मुख्यमंत्री’

एमएलसी चुनाव के इस परिणाम को 2027 के विधानसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास बताते हुए लाल बिहारी यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का जनमानस अब बदलाव के मूड में है। शिक्षक चुनाव की यह जीत 2027 के महासमर की नींव रखेगी, जहां भारी बहुमत से समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव पुनः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनकर विकास की नई गाथा लिखेंगे।

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