रामलीला मैदान में राहुल गांधी गरजे- ‘वोट चोरी करने वालों को देश से भागने नहीं देंगे, ज्ञानेश को जेल जाना होगा’

नई दिल्ली, एक नवम्बर। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘महाभियोग प्रस्ताव’ पास करने के अगले दिन रविवार को यहां रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. की महारैली के दौरान विपक्षी नेताओं का बड़ा जमावड़ा हुआ और विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर आग उगला। इस क्रम में कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था व सीईसी के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए।

‘ये भारत के युवाओं, किसानों और मजदूरों की सम्मिलित आवाज है‘

राहुल गांधी ने रैली में उमड़ी लाखों की भीड़ का धन्यवाद करते हुए कहा, ‘आप सब यहां दूर-दूर से चलकर आए हैं। आपने देश को, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है। ये किसी एक राजनीतिक दल या केवल नेताओं की आवाज नहीं है। ये भारत के युवाओं, किसानों और मजदूरों की सम्मिलित आवाज है।’

‘हम हिन्दुस्तान में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे’

उन्होंने कहा, ‘ये आवाज साफ कह रही है कि हम हिन्दुस्तान में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे और संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे। आपके पास कितना भी पैसा या पावर क्यों न हो, आप संविधान से बड़े नहीं हो सकते।’

‘2024 के बाद 11.53 करोड़ वोटरों के नाम काटे गए‘

चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया, ‘देश में वर्षों से वोट चोरी हो रही है। ममता बनर्जी ने बंगाल का उदाहरण दिया, लेकिन मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनाव- इन सभी में वोट चोरी हुई है। ईवीएम के अलावा वोटर लिस्ट से नाम हटाकर और नए नाम जोड़कर यह गड़बड़ी की गई है।’

राहुल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, ‘2024 के चुनाव के बाद 11.53 करोड़ (130 मिलियन) वोटरों को सूची से बाहर कर दिया गया। यानी हर सात में से एक वोटर (लगभग 15 प्रतिशत) को लिस्ट से हटा दिया गया। चुनाव में एनडीए और हमारे बीच महज तीन प्रतिशत का अंतर था जबकि उसके बाद 15 प्रतिशत वोटर्स हटा दिए गए। इसका सीधा मतलब है कि चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।’

‘ज्ञानेश के बिना न तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाते और न शाह गृह मंत्री‘

कांग्रेस नेता ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना होगा और उन्हें जेल जाना पड़ेगा। ये कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं है बल्कि देश के हर नागरिक की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों की चोरी है। इसे कानून की भाषा में रेरेस्ट ऑफ द रेयर अपराध और देशद्रोह माना जाना चाहिए। ज्ञानेश कुमार के बिना न तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाते और न अमित शाह गृह मंत्री।’

राहुल ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने देश की तमाम संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थाओं- शिक्षा, स्वास्थ्य, सीबीआई, ईडी, न्यायपालिका, ब्यूरोक्रेसी और पुलिस को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है। इसका खामियाजा देश के युवाओं, किसानों और छोटे व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।

‘देश दो-तीन उद्योगपतियों के हवाले, हमें शिव की बारात जैसा भारत चाहिए‘

आर्थिक असमानता पर बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की पूरी संपत्ति और संसाधन दो-तीन उद्योगपतियों के हाथों में सौंप दिए गए हैं। उनके लाखों करोड़ रुपये के कर्ज एक सेकेंड में माफ कर दिए जाते हैं, लेकिन अगर किसान, मजदूर या छोटा कारोबारी बैंक का कर्ज न चुका पाए तो उसे जेल भेज दिया जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘आपने शिव की बारात के बारे में सुना होगा, जिसमें हर किसी को शामिल होने और नाचने की अनुमति होती है। हमें ऐसा ही भारत चाहिए, जहां किसान मेहनत करे तो उसे उसकी उपज का फल मिले और छात्र 18 घंटे पढ़ाई करे तो उसे शिक्षा और रोजगार मिले।’

‘भागने की मत सोचो, आपके खिलाफ कानूनी काररवाई होगी‘

सत्ताधारी दल को चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘अमित शाह कहते हैं कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे। मैं आपको बताता हूं कि वो कहीं जा भी नहीं सकते और अगर जाना भी चाहेंगे तो हम उन्हें जाने नहीं देंगे। ज्ञानेश कुमार के बाद हम आपके सामने खड़े होने जा रहे हैं। आपने जो वोट चोरी की है और देश को बेचा है, उसके लिए देश आपसे न्याय मांगेगा। आप भाग नहीं सकते, आपके और अमित शाह के खिलाफ कानूनी काररवाई होगी।’

‘हम मोहब्बत की दुकान खोलने वाले लोग हैं‘

राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘हमारे लिए कोई दुश्मन नहीं है। ना नरेंद्र मोदी, ना अमित शाह और ना ज्ञानेश कुमार। हम हिंसा या नफरत फैलाने वाले लोग नहीं हैं, हम महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं। हमारा धर्म सिखाता है कि किसी से नफरत नहीं करनी है और लाइन में खड़े आखिरी व्यक्ति की आवाज की रक्षा करनी है, चाहे वो हिन्दू हो, मुसलमान हो, सिख हो, दलित हो, आदिवासी हो या महिला।’

उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और नफरत से देश की आत्मा चिल्ला रही है। देश का हर युवा और नागरिक शांति और मोहब्बत चाहता है। ये विरोध प्रदर्शन किसी एक दल का नहीं, बल्कि हिन्दुस्तान के संविधान और लोकतंत्र को बचाने का एक साझा आंदोलन है।

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