ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की मंजूरी दी, क्रूड ऑयल को लेकर दुनिया में मच सकता है हाहाकार

तेहरान, 22 जून। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद देश की परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा अवरोध बिंदु – होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के निर्णय पर विचार कर रही है। यदि इस कदम को मंजूरी मिल जाती है, तो इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ जाएगा और दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस शिपमेंट बाधित होने का जोखिम होगा।

ईरान के सरकारी आउटलेट प्रेस टीवी ने रविवार को बताया कि अंतिम निर्णय देश के शीर्ष सुरक्षा निकाय के पास है जबकि संसद ने कथित तौर पर इस उपाय को मंजूरी दे दी है। ईरान के यंग जर्नलिस्ट क्लब से बात करते हुए रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर और सांसद इस्माइल कोसरी ने कहा, ‘जलडमरूमध्य को बंद करना एजेंडे में है और जब भी आवश्यक होगा, इसे किया जाएगा।’

ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल

शटडाउन की संभावना ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिलाकर रख दिया है, जो 13 जून को इजराइल द्वारा ईरान पर अचानक हवाई हमले शुरू करने के बाद से ही बेचैन हैं। हमलों और उसके बाद इजराइल के साथ अमेरिका की भागीदारी ने फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाली जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री तेल यातायात में व्यवधान की आशंकाओं को जन्म दिया है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का ही नतीजा है कि गत 13 जून से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 10% से अधिक की वृद्धि हुई है, जो बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के बीच 77 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गई है।

टैंकर युद्धों की याद आने लगी

वर्तमान स्थिति ईरान-इराक संघर्ष के दौरान 1980 के दशक के ‘टैंकर युद्धों’ की याद दिलाती है, जब दोनों पक्षों ने खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमला किया था। ईरान ने इराक के कथित समर्थन के प्रतिशोध में सऊदी और कुवैती जहाजों – और यहां तक ​​कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों को भी निशाना बनाया।

इसके जवाब में, रीगन प्रशासन ने 1987 में ऑपरेशन अर्नेस्ट विल शुरू किया, जिसमें तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए अमेरिकी नौसेना को तैनात किया गया। यह मिशन तब समाप्त हुआ, जब 1988 में एक अमेरिकी युद्धपोत ने गलती से ईरान एयर फ़्लाइट 655 को मार गिराया, जिसमें 290 लोग मारे गए।

हाल ही में, 2023 में तनाव तब बढ़ गया, जब ईरानी सेना ने ओमान की खाड़ी में शेवरॉन द्वारा किराए पर लिए गए एडवांटेज स्वीट क्रूड टैंकर को जब्त कर लिया। जहाज को रिहा किए जाने से पहले एक साल से अधिक समय तक रोक कर रखा गया था।

वहीं डेनमार्क की शिपिंग कम्पनी का कहना है कि हालांकि, वह उपलब्ध जानकारी के आधार पर जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले अपने जहाजों की सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए तैयार है। मैरस्क ने एक बयान में कहा, ‘हम इस क्षेत्र में अपने विशिष्ट जहाजों के लिए सुरक्षा जोखिम की निरंतर निगरानी करेंगे और आवश्यकतानुसार परिचालन काररवाई करने के लिए तैयार हैं।’

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