भारतीय महिलाओं ने लार्ड्स में रचा इतिहास, क्रिकेट के मक्का में पहली बार खेले गए महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रनों से रौंदा  

लंदन, 13 जुलाई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सोमवार को यहां लार्ड्स ग्राउंड पर इतिहास रचा, जब क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले इस ऐतिहासिक ग्राउंड पर पहली बार खेले गए महिला टेस्ट मैच के चौथे व अंतिम दिन सिर्फ 95 मिनट में यानी लंच के पहले ही हरमनप्रीत एंड कम्पनी ने मेजबान इंग्लैंड को 270 रनों से धोकर रख दिया।

स्नेह राणा व दीप्ति शर्मा ने मेजबानों की दूसरी पारी 186 रनो पर समेटी

इंग्लैंड ने 457 रनों के दुरुह लक्ष्य के सामने अंतिम दिन जब अपनी दूसरी पारी 6-130 से आगे बढ़ाई तो भारतीय गेंदबाजों को सिर्फ चार विकेटों की दरकार थी और ऑफ स्पिनर्स द्वय स्नेह राणा (4-42) व दीप्ति शर्मा (2-36) सिर्फ 22.5 ओवरों के खेल में भारत की ऐतिहासिक जीत पर अंतिम मुहर लगा दी। मेजबान पारी 62.5 ओवरों में सिर्फ 186 रनों पर सीमित हो गई।

सोफी एक्लेस्टोन के नाम अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक

हालांकि पिछली शाम सिर्फ एक रन बनाकर खेल रहीं सोफी एक्लेस्टोन (50 रन, 66 गेंद, 105 मिनट, छह चौके) ने मेहमान गेंदबाजों का दृढ़ता से सामना करते हुए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाया, लेकिन जब स्नेह राणा ने उन्हें बोल्ड मारने के साथ पारी में अपना चौथा व मैच का छठा शिकार किया तो भारत ने महिला टेस्ट में रनों के लिहाज से चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली।

भारत ने महिला टेस्ट में रनों के लिहाज से दर्ज की चौथी सबसे बड़ी जीत

एमी जोंस (54 रन, 80 गेंद 120 मिनट, छह चौके) चौथे दिन के अपने स्कोर में सिर्फ दो रन और जोड़ सकी थीं, तभी राणा की गेंद पर मिड-विकेट में शेफाली वर्मा ने उनका कैच लपक लिया। उधर दीप्ति शर्मा ने दिन की अपनी पंचवीं गेंद पर इस्सी वोंग को, जो सिर्फ एक रन के लिए 33 गेंदों का सामना किया, बोल्ड मारा और अगले ओवर में लॉरेन बेल (शून्य) की भी गिल्लियां बिखेर दीं।

स्कोर कार्ड

अंतिम बल्लेबाज लॉरेन फाइलर (नाबाद चार रन, 22 गेंद, एक चौका) ने आठ ओवरों तक सोफी एक्लेस्टोन का साथ निभाया। इस दौरान सोफी ने 61 गेदों पर अपना पचासा पूरा किया, लेकिन अंततः राणा की एक ऐसी गेंद को नहीं रोक पाईं, जो बल्ले व पैड के बीच से गिरी और टर्न होकर स्टंप्स से जा टकराई।

यास्तिका व पेसर क्रांति ने ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज कराया अपना नाम

उल्लेखनीय है कि रविवार को भारत यदि इंग्लैंड के सामने चौथी पारी में 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखने में सफल हुआ तो इसमें यास्तिका भाटिया के शतक (113 रन, 158 गेंद, 223 मिनट, 14 चौके) की बड़ी भूमिका थी, जिसने उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट के बल्लेबाजी ऑनर्स बोर्ड पर जगह दिलाई।

उनसे पहले छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) की मीडियम पेसर क्रांति गौड़ ने दूसरे दिन ही पांच विकेट निकालकर गेंदबाजी ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज करा लिया था। यह बोर्ड उन खिलाड़ियों के लिए है, जो इस मैदान पर शतक लगाते हैं, एक पारी में पांच विकेट लेते हैं या एक टेस्ट मैच में 10 विकेट लेते हैं। मैच में कुल सात विकेट (5-37 व 2-54) लेने के साथ क्रांति ने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवार्ड अपने नाम किया।

वहीं इंग्लैंड की पूर्व कप्तान हीथर नाइट और सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को शानदार विदाई नहीं मिल सकी। मैच से पहले अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने के बाद तीसरे दिन इंग्लैंड की दूसरी पारी में वे क्रमशः 13 रन और ‘गोल्डन डक’ पर आउट हो गईं थीं।

लार्ड्स ग्राउंड पर पहली बार खेला गया महिला टेस्ट मैच

गौरतलब है कि लॉर्ड्स, क्रिकेट का सबसे मशहूर मैदान, 1884 से इंटरनेशनल मैचों की मेज़बानी कर रहा है। यहां पहला महिला अंतरराष्ट्रीय मैच 1976 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच (50 ओवर) खेला गया था। फिलहाल मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के मालिकाना हक वाले इस मैदान पर महिला टेस्ट मैच (जो शुक्रवार से चार दिनों के लिए तय था) होने में और 50 वर्ष लग गए क्योंकि MCC ने 1999 तक महिलाओं के क्लब में शामिल होने पर रोक लगा रखी थी।

महिला टेस्ट में दर्शकों का भी बन गया विश्व रिकॉर्ड

दिलचस्प तो यह रहा कि लार्ड्स में पहली बार खेले गए कोई महिला टेस्ट के दौरान दर्शकों ने भी नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। मैदान पर चार दिनों में कुल दर्शक संख्या 37,846 तक पहुंची, जो किसी भी महिला टेस्ट मैच में नया विश्व रिकॉर्ड है।

हरमनप्रीत बोलीं – ‘उम्मीद है, हमें यहां और भी टेस्ट खेलने को मिलेंगे’

फिलहाल भारत की ऐतिहासिक जीत पर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘लॉर्ड्स में खेलना हमेशा खास होता है… उम्मीद है कि हमें यहां और भी (टेस्ट मैच) खेलने को मिलेंगे। इस तरह के मैच बहुत खुशी देते हैं।’

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