फ्रांस में इमैनुअल मैक्रों ने फिर जीता राष्ट्रपति चुनाव, मरीन ले पेन को दी मात

पेरिस 25 अप्रैल। फ्रांस में मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है। इस जीत के बाद वह दूसरी बार फ्रांस के राष्ट्रपति बनेंगे। मैक्रों ने देश की धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन अच्छे अंतर से हराया। मैक्रों को जहां 58% वोट मिले वहीं पेन को सिर्फ 42 फीसदी ही वोट मिले। मैक्रों की जीत के बाद एफिल टॉवर के पास पार्क में इकट्ठे हुए मैक्रों प्रशंसकों ने एक दूसरे को गले लगाना शुरू कर दिया।

फ्रांस में रविवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ। इससे पहले मरीन ले पेन ने रविवार को राष्ट्रपति पद की दौड़ में हार स्वीकार कर ली। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों को विजयी मान लिया। पेन ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उनका अभूतपूर्व प्रदर्शन ‘अपने आप में एक शानदार जीत’ को दर्शाता है। फ्रांस की विभिन्न मतदान एजेंसियां मैक्रों की जीत का अनुमान जता रही थीं।

  • जनमत सर्वेक्षणों में लोगों ने की थी प्रशंसा

जनमत सर्वेक्षणों में कई फ्रांसीसी नागरिक राष्ट्रपति के तौर पर उनकी प्रशंसा की थी। उन्हें कोविड-19 महामारी और यूक्रेन संघर्ष जैसे प्रमुख वैश्विक संकटों का सामना करने के लिए पद के योग्य माना था। राष्ट्रपति के तौर पर पहल बार किसी निर्वाचित पद पर आए थे। मैक्रों ने फ्रांस के संभ्रांत स्कूल इकोले नेशनल डी’एडमिनिस्ट्रेशन में पढ़ाई की है। वह पहले सीनियर सिविल सर्वेंट थे।

फिर कुछ वर्षों के लिए रोथ्सचाइल्ड में एक बैंकर के रूप में कार्य किये। उसके बाद वह समाजवादी राष्ट्रपति फ्रांसिस ओलांद के आर्थिक सलाहकार थे। वह 2014 से 2016 तक ओलांद की सरकार में अर्थव्यवस्था मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद वह पर्दे के पीछे से काम करने वाले की भूमिका से निकलकर राजनीतिक परिदृश्य पर आये।

  • वैश्विक नेता के रूप में किया खुद को स्थापित

इमैनुएल मैक्रों केवल पांच वर्षों में, मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों राजनीति में युवा नौसिखिया की छवि से हटकर एक प्रमुख वैश्विक नेता के रूप में खुद को स्थापित किया है, जो यूरोपीय संघ में महत्वपूर्ण निर्णय लेने लेते हैं। वह यूक्रेन में रूस द्वारा थोपे गये युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में गहराई से जुड़े रहे हैं। 44 वर्षीय मध्यमार्गी मुखर मैक्रों अपनी निर्बाध कूटनीतिक सक्रियता के साथ न केवल अपना रास्ता बनाते हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अपनी जगह बनाई है।

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