नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों और द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बातचीत में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों समेत कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बातचीत को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। दोनों पक्ष भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।
वैश्विक शांति और सुरक्षा पर भी चर्चा
PMO के मुताबिक, मोदी और ट्रंप ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों पर चर्चा की। दोनों ने भविष्य में भी संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई। अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने भी दोनों नेताओं की बातचीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर इसे दोनों नेताओं के बीच “बहुत अच्छी बातचीत” बताया।
व्यापार वार्ता के बीच हुई बातचीत
मोदी और ट्रंप के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है। भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका के दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते तथा व्यापक व्यापार समझौते की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत में व्यापार और ऊर्जा सहयोग का शामिल होना महत्वपूर्ण है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही दोनों देशों के लोगों के हित में सहयोग को और मजबूत करने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। बातचीत में रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ अन्य साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग के लिहाज से इन क्षेत्रों को महत्वपूर्ण माना जाता है।


