निशियो, दो अक्टूबर। भारतीय मुक्केबाजों ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में शुक्रवार को स्वर्णिम हैट्रिक जमाई। निशियो जिम्नेजियम में दिन की शुरुआत ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम भार वर्ग से की और उसके बाद परवीन हुड्डा (65 किग्रा) व अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने भी गोल्डन पंच जड़ दिए।
लवलीना व परवीन ने महिला मुक्केबाजी में स्वर्ण का 12 वर्षों का इंतजार खत्म किया
देखा जाए तो लवलीना और परवीन ने अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए महिला मुक्केबाजी के स्वर्ण के लिए देश का 12 वर्षों का इंतजार खत्म किया। दोनों ने मजबूत दावेदार मानी जा रही अपनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अलग-अलग अंदाज में शानदार जीत दर्ज की।
GOLDEN PUNCH🥊🥇
A sensational performance by Ankush as he defeats Kim Minseong of South Korea to clinch GOLD in the Men’s 80kg Boxing event at #AsianGames2026.#Cheer4Bharat pic.twitter.com/JxetHxxD1L
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 2, 2026
अंकुश पंघाल की कोरियाई मुक्केबाज पर एकतरफा जीत
वहीं अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर स्वर्ण पदक से मौजूदा संस्करण में भारतीय अभियान का समापन किया।
🥊🔥 THE GOLDEN TRIO OF INDIAN BOXING! 🇮🇳
Ankush. Parveen. Lovlina Borgohain.
Three fighters who stepped into the ring with courage, composure and conviction, leaving their mark at #AsianGames2026! 🏅✨
Three champions. One tricolour. 🇮🇳#Cheer4Bharat #TeamIndia… pic.twitter.com/pQvCulLlHB
— SAI Media (@Media_SAI) October 2, 2026
मुक्केबाजों ने पहली बार एशियाड में 3 स्वर्ण जीते
वस्तुतः भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार तीन स्वर्ण पदक जीते और तीन कांस्य सहित कुल छह पदक जीते। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांग्झू 2010 चरण में रहा, जिसमें भारतीय मुक्केबाजों ने दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य से कुल नौ पदक जीते थे।
HISTORIC GOLD FOR BHARAT! 🇮🇳🥇
Heartiest congratulations to Lovlina Borgohain on winning the first ever Gold Medal in the Women’s 75kg weight category boxing event at the Asian Games 2026.
The entire nation is proud of you!#Cheer4Bharat pic.twitter.com/nw3YyeWDX8
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 2, 2026
लवलीना ने 29वें जन्मदिन पर गोल्डन तोहफा पाया
भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया।
A truly sensational and historic evening for Indian Boxing at the Asian Games! 🥊🇮🇳
It was an absolute privilege to be in the stands this evening and witness our phenomenal boxers complete a spectacular golden hat-trick! pic.twitter.com/mpbqHlC8F8— P.T. USHA (@PTUshaOfficial) October 2, 2026
लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’
Unstoppable in the ring! 🥊🥇🇮🇳
Congratulations to Parveen Hooda for striking GOLD in the Women’s 65kg Boxing event at the #AsianGames2026. Keep shining, champ! #Cheer4Bharat pic.twitter.com/Qt5soRSU1E
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 2, 2026
परवीन की चीनी ताइपे की नियेन चिन पर कठिन जीत
परवीन ने इसके बाद पेरिस ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपे की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर इन खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ लवलीना व परवीन एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला मुक्केबाजों की विशिष्ट श्रेणी में शामिल हो गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मेरी कॉम (51 किग्रा) ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था।


