नई दिल्ली, 12 जून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस वर्ष तीन जुलाई से 28 अगस्त आयोजित अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव, थलसेना प्रमुख, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के महानिदेशक तथा गृह मंत्रालय, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा पर जोर
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सर्वोच्च सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ यात्रा के लिए एकीकृत और अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार करने के निर्देश दिए।
आज दिल्ली में श्री अमरनाथ जी यात्रा की तैयारियों और सुरक्षा की समीक्षा की।
संपूर्ण यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, CAPFs तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा Multi-layered सुरक्षा ग्रिड स्थापित की जाए।
श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी… pic.twitter.com/EldUpLnKC0
— Amit Shah (@AmitShah) June 12, 2026
मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के निर्देश
गृह मंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी निगरानी, सर्विलांस सिस्टम और अन्य आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया।
शिविर स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारी करेंगे निगरानी
शाह ने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान विभिन्न सीएपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शिविर स्थलों पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मौसम के अनुसार आगे बढ़ेंगे श्रद्धालुओं के जत्थे
गृह मंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यात्रा मार्ग के अलावा अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से पर्यटन गतिविधियों का आनंद ले सकें।
स्थानीय लोगों और पशुओं को मिलेंगे क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र
बैठक में जानकारी दी गई कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और पशुओं का पंजीकरण किया जाएगा तथा उन्हें क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे। यात्रा पंजीकरण और श्रद्धालुओं की सहायता संबंधी जानकारी https://jksasb.nic.in/ पर उपलब्ध है।

