रांची, 10 जुलाई। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत छात्रों ने आज विधानसभा मार्च का आह्वान किया है। मार्च को देखते हुए रांची और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों और रणनीतिक स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन ने विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा
रांची के एसएसपी राकेश रंजन के मुताबिक, विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसक या अवैध गतिविधि से दूर रहने की अपील की है। रांची में प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए जमशेदपुर में भी रविवार आधी रात से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
पुलिस ने छात्रों से की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
एडीजी (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा कि प्रस्तावित विधानसभा मार्च को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की है। वहीं, एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस नहीं चाहती कि किसी अप्रिय घटना या अव्यवस्था के कारण छात्रों के करियर पर कोई आंच आए या उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की स्थिति बने।
छात्रों ने लगाया बलपूर्वक रोकने का आरोप
दूसरी ओर, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि झारखंड के अलग-अलग जिलों और सुदूर इलाकों से रांची पहुंच रहे सैकड़ों छात्रों को जगह-जगह पुलिस द्वारा बलपूर्वक और अनुचित तरीके से रोका जा रहा है। छात्र नेताओं का कहना है कि प्रशासन की पाबंदियों के बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और विधानसभा की ओर मार्च करेंगे। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी है।
