वाराणसी : रोप-वे के किराए पर शासन की मुहर, कैंट से गोदौलिया तक 50 रुपये में सफर, न्यूनतम किराया 10 रुपये
वाराणसी, 23 जून। देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी की बहुप्रतीक्षित रोप-वे परियोजना जल्द ही मूर्तरूप लेने वाली है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश शासन ने वाराणसी रोप-वे सेवा के लिए आधिकारिक किराया दरों को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को सिर्फ 10 रुपये से 50 रुपये के बीच सफर करने की सुविधा मिलेगी जबकि नियमित यात्रियों के लिए ‘काशी स्मार्ट पास’ पर 20 प्रतिशत की विशेष छूट भी दी जाएगी।
रोप-पे में कैंट से गोदौलिया तक कुल चार स्टेशन
शासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार रोप-वे के चार स्टेशनों – वाराणसी कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया चौक के बीच यात्रा के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है। यानी वाराणसी कैंट से गोदौलिया चौक तक पूरे रूट का किराया 50 रुपये होगा जबकि काशी विद्यापीठ से रथयात्रा के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को केवल 10 रुपये का भुगतान करना होगा।

‘काशी स्मार्ट पास’ धारकों को 20% छूट का प्रावधान
स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों को राहत देते हुए शासन ने ‘काशी स्मार्ट पास’ धारकों के लिए अधिसूचित किराए पर 20 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया है। इसके तहत कैंट से गोदौलिया तक का सफर 40 रुपये में और काशी विद्यापीठ से रथयात्रा तक की यात्रा सिर्फ आठ रुपये में पूरी की जा सकेगी। शासनादेश के अनुसार निर्धारित किराया दरों में हर वर्ष एक अप्रैल से पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। बढ़े हुए किराए को पांच रुपये के निकटतम गुणांक तक पूर्णांकित किया जाएगा।
कैंट रोप-वे स्टेशन पर क्लॉक रूम की भी सुविधा
यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत वाराणसी कैंट रोप-वे स्टेशन पर क्लॉक रूम की व्यवस्था भी की जाएगी। टिकट धारकों के लिए शुरुआती दो घंटे तक सामान रखने की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क होगी। इसके बाद 15 किलोग्राम तक के सामान के लिए 50 रुपये प्रति घंटा शुल्क लिया जाएगा।
पर्यटकों और विशेष समूहों को प्रीमियम गोंडोला सेवा भी मिलेगी
पर्यटकों और विशेष समूहों (Varanasi) के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा का भी प्रावधान किया गया है। इस सेवा के तहत एक यात्रा का किराया 2000 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, यदि कोई संस्था या समूह अग्रिम बुकिंग कराता है तो उसे प्रति गोंडोला प्रति यात्रा 1200 रुपये का भुगतान करना होगा।
15 मिनट में तय होगा कैंट से गोदौलिया का सफर
देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोप-वे परियोजना करीब 3.75 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित होगी। वर्तमान में सड़क मार्ग से कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक पहुंचने में जहां 30 से 45 मिनट तक का समय लग जाता है वहीं रोप-वे के जरिए यही दूरी लगभग 15 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे शहर के सबसे व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी तेज एवं सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा।
परियोजना के तहत वाराणसी कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया में अत्याधुनिक स्टेशन विकसित किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल टिकटिंग, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि सुरक्षा प्रणाली तथा दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा
रोप-वे परियोजना शुरू होने से वाराणसी के सार्वजनिक परिवहन तंत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने में मददगार साबित होगी, बल्कि पर्यटन, स्थानीय आवागमन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक सुविधाओं और किफायती किराए के साथ यह रोप-वे सेवा काशी के शहरी विकास की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर है।
