मोहन भागवत के जेन-जी बयान का भाजपा सांसदों ने किया समर्थन, बोले- युवा विपक्ष के बहकावे में नहीं आएगा
नई दिल्ली, 7 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन-जी’ और छात्रों को लेकर दिए गए बयान का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने समर्थन किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि देश का युवा भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है और वह किसी भी राजनीतिक बहकावे में आने वाला नहीं है। साथ ही विपक्ष पर छात्र आंदोलनों का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप भी लगाया।
‘युवा देश की सबसे बड़ी ताकत’
भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि वह मोहन भागवत के विचारों से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से वह ‘जागृति यात्रा’ के माध्यम से हर साल 500 युवाओं के साथ करीब 8,000 किलोमीटर की यात्रा करते हैं और इस अनुभव के आधार पर कह सकते हैं कि देश के युवाओं की सोच और आकांक्षाओं को समझने में भागवत का दृष्टिकोण बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझते हुए संवाद की नीति पर काम कर रही है।
विपक्ष पर छात्र आंदोलनों का राजनीतिकरण करने का आरोप
शशांक मणि त्रिपाठी ने छात्र आंदोलनों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को छात्रों से कोई समस्या नहीं है, बल्कि उन राजनीतिक दलों से आपत्ति है जो छात्र आंदोलनों का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार ऐसे विषयों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
हथकरघा उत्पाद अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील का समर्थन करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि वह स्वयं हमेशा पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनते हैं। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अमेरिका यात्रा में भी उन्होंने व्हाइट हाउस में धोती-कुर्ता पहनकर भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने लोगों से स्थानीय बुनकरों का समर्थन करने और हथकरघा उत्पादों को अपनाने की अपील की।
‘देश का युवा देशद्रोही नहीं, भविष्य है’
भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि देश का युवा देशद्रोही नहीं, बल्कि देश का भविष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ और ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए लगातार छात्रों से संवाद करते रहे हैं और युवाओं को नवाचार, शोध और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करते हैं।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
दामोदर अग्रवाल ने रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान राहुल गांधी के समर्थन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में छात्रों के साथ थे, तो आंदोलन के पहले दिन से उनके बीच क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने यह भी पूछा कि राहुल गांधी ने परीक्षा रद्द करने की मांग का खुलकर समर्थन क्यों नहीं किया।
