Vande Bharat : दिल्ली से वाराणसी के बीच जल्द शुरू होगा दूसरी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का संचालन

नई दिल्ली, 19 सितम्बर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से देश की सांस्कृतिक राजधानी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत बढ़ने वाली है। इस क्रम में भारतीय रेलवे जल्द ही दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने जा रही है, जो नई दिल्ली को वाराणसी से सुपरफास्ट स्पीड से जोड़ेगी।

ओवरनाइट सर्विस प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहरों को जोड़ेगी

यह प्रस्तावित ओवरनाइट सर्विस प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहरों को जोड़ेगी, जिससे यात्रियों को राजधानी और उत्तर प्रदेश के बीच अपनी यात्रा की योजना आसानी से बनाने के लिए ज्यादा विकल्प मिलेंगे। रेलवे सूत्रों का कहना है कि यह ट्रेन आगामी दीपावाली के आस-पास संचालित की जाएगी।

अब तक ट्रेन नंबर, किराए और तारीखों की पुष्टि नहीं

इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के लिए ट्रायल इसी माह शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि रेलवे बोर्ड ने अब तक ट्रेन के बारे में खास जानकारी, जैसे ट्रेन नंबर, किराया या रेगुलर ऑपरेशन की तारीख की घोषणा नहीं की है। आने वाले हफ्तों में इसकी अंतिम घोषणा होने की उम्मीद है।

दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत शेड्यूल

प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत वाराणसी कैंट से रात लगभग 9.20 बजे चलेगी और रात 10.45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। प्रयागराज से निकलने के बाद, ट्रेन कानपुर सेंट्रल से मध्यरात्रि बाद 12.35 बजे गुजरेगी और फिर भोर में पांच बजे दिल्ली पहुंचेगी।

वापसी की दिशा में यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से रात लगभग 9.20 बजे चलेगी और भोर में पांच बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है, जो दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रातभर की यात्रा करना पसंद करते हैं।

स्लीपर वंदे भारत की संभावित गति

प्रस्तावित ट्रेन के स्टेशनों के बीच 130 किमी/घंटा से 160 किमी/घंटा की स्पीड से चलने की उम्मीद है, जो ट्रैक की स्थिति पर निर्भर करेगा। ज्यादा स्पीड से यात्रा का समय कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि अंतिम स्पीड ट्रायल और ऑपरेशनल मंजूरी के बाद रेलवे द्वारा तय की जाएगी।

स्लीपर वंदे भारत के कोच

रिपोर्ट्स के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत में 16 कोच होंगे और इसमें कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। ट्रेन में 11 AC 3-टियर कोच, चार AC 2-टियर कोच और एक फर्स्ट AC कोच लगाए जाएंगे।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular