1. Home
  2. हिन्दी
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. नेपाल में बालेन शाह सरकार का एलान- सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिन में मिलेगा वेतन
नेपाल में बालेन शाह सरकार का एलान- सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिन में मिलेगा वेतन

नेपाल में बालेन शाह सरकार का एलान- सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिन में मिलेगा वेतन

0
Social Share

काठमांडू, 21 अप्रैल। नेपाल में बालेंद्र शाह (बालेन) के नेतृत्व वाली नई सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक अनूठा कदम उठाया है। इस क्रम में सरकारी कर्मचारियों को महीने के अंत तक अपने वेतन का इंतजार नहीं करना होगा बल्कि उन्हें अब हर 15 दिन में ही तनख्वाह दे दी जाएगी। नेपाल के वित्त मंत्रालय ने इस बाबत आदेश भी जारी कर दिया है ताकि नई व्यवस्था को लागू किया जा सके।

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक अनूठा कदम

नेपाल के वित्त मंत्रालय ने 17 अप्रैल, 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपने कर्मचारियों के लिए ‘पखवाड़ा वेतन प्रणाली’ (Fortnightly Salary System) लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारियों का मासिक वेतन दो हिस्सों में बांटकर हर 15 दिन में उनके खातों में जमा किया जाएगा।

पखवाड़ा वेतन प्रणालीलागू करने के पीछे ये तर्क

बाजार में कैश फ्लो बढ़ाना : सरकार का मानना है कि जब कर्मचारियों के हाथ में जल्दी-जल्दी पैसा आएगा, तो वे उसे बाजार में खर्च करेंगे। इससे बाजार में नकदी (Liquidity) बढ़ेगी और मंदी का असर कम होगा।

अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना : नेपाल इस समय सुस्त आर्थिक गतिविधि और रियल एस्टेट में गिरावट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। बार-बार सैलरी मिलने से लोगों की खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए ‘बूस्टर डोज’ का काम करेगी।

वित्तीय सुविधा : कर्मचारियों को अपने दैनिक खर्चों और बिलों के भुगतान के लिए महीने भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति बेहतर होगी।

नई सरकार अब तक कर चुकी है कई बड़े बदलाव

नेपाल में गत पांच मार्च को हुए सत्ता संभालने वाली राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्रता पार्टी (RSP) सरकार का मुख्य फोकस ‘आर्थिक स्थिरता’ पर है। इस क्रम में शाह सरकार ने वेतन सुधार के अलावा कई बड़े बदलाव किए हैं। इस क्रम में अप्रैल 2026 तक सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका मकसद सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और आम लोगों के करीब बनाना है।

VIP कल्चर पर सख्ती

सबसे पहले सरकार ने ‘VIP कल्चर पर चोट की है। यानी अब नेताओं और अफसरों के लिए खास सुविधाओं और अलग व्यवहार को कम करने की कोशिश हो रही है, ताकि आम जनता और सिस्टम के बीच की दूरी घटे।

अब नेताओं और बड़े अधिकारियों के लिए सड़कें रोकना, लंबा काफिला निकालना या खास सुविधाएं लेना आसान नहीं होगा। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि कानून और व्यवस्था सबके लिए बराबर है – चाहे आम आदमी हो या बड़ा अफसर।

सरकारी कर्मचारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे

सरकार ने यह भी तय किया है कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ना होगा। इसका मकसद साफ है – जब अफसरों के अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे तो शिक्षा व्यवस्था खुद-ब-खुद बेहतर होगी।

सरकारी कर्मचारी, शिक्षक व प्रोफेसर किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ेंगे

एक और बड़ा फैसला यह है कि सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और प्रोफेसर अब किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े नहीं रह सकते। यानी उन्हें पूरी तरह निष्पक्ष रहकर काम करना होगा ताकि फैसले बिना किसी राजनीतिक दबाव के लिए जा सकें।

डिजिटल सिस्टम को तेजी से बढ़ावा : इसके अलावा सरकार ने डिजिटल सिस्टम को भी तेजी से बढ़ावा दिया है। सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और काम जल्दी हो।

100 प्वॉइंट मॉडर्नाइजेशन प्लान : सरकार ने इसके साथ ही एक ‘100 प्वॉइंट मॉडर्नाइजेशन प्लान’ भी शुरू किया है, जिसमें प्रशासन को आधुनिक बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने पर फोकस है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code