लखनऊ, 15 अगस्त। महाराष्ट्र व गुजरात सहित कुछ अन्य राज्यों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी शनिवार को पूरे राज्य में पनीर, घी और खोया जैसे एनालॉग डेयरी उत्पादों पर पूरी तरह से रोक लगा दी। इससे पहले, अधिकारियों ने होटलों और रेस्तरां में गलत लेबल लगाकर बेचे जाने वाले उत्पादों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) के जरिए पाबंदियां लगाने और काररवाई करने का प्रस्ताव दिया था।
उल्लेखनीय है कि एफएसएसएआई (FSSAI) की गलत ब्रांडिंग से जुड़ी गाइडलाइंस के तहत उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले ही एनालॉग उत्पादों (जैसे वेजिटेबल फैट से बने पनीर, मक्खन और घी) पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
दूध से बने उत्पादों के बारे में क्या कहता है फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट
‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 साफ तौर पर कहता है कि दूध और दूध से बने उत्पादों को उनके असली रूप में ही बनाया और बेचा जाना चाहिए। इसके अलावा, आदेश में यह भी कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच में पता चला कि उनके सैंपल में कई तरह की मिलावट की गई थी।
कई जिलों में दूध और दूध से बने उत्पादों में रिफाइंड तेल और फैट, सोयाबीन और उससे बनी चीजें, टैल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज़, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, कई तरह के न्यूट्रलाइजर और दूसरी चीजों की मिलावट की जा रही थी।
नतीजतन, दूध और दूध से बने उत्पादों को ऐसी मिलावट के साथ बनाया जा रहा है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। इसलिए, इन चीजों पर रोक लगाना ‘फूड सेफ्टी कमिश्नर’ की एक बड़ी जिम्मेदारी है।
आदेश में क्या कहा गया है?
- यदि किसी डेयरी या डेयरी प्रोडक्ट बनाने/प्रोसेस करने वाली यूनिट में, या उससे जुड़ी जगह पर, या संबंधित फर्म/फर्म के मालिक के अधिकार क्षेत्र में आने वाली किसी भी जगह पर, अन्य फैट और हानिकारक केमिकल/मिलावटी पदार्थ पाए जाते हैं, तो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में मिले सभी दूध उत्पादों को ज़ब्त करके नष्ट कर दिया जाएगा।
- जन-स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ की धारा 34 के तहत आपातकालीन रोक का आदेश जारी करके ऐसे प्रतिष्ठान में निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा।
- यदि जन-स्वास्थ्य के लिए हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल सुनियोजित तरीके से होता पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाएगी।
- संबंधित ब्रांड की बिक्री पर राज्य-व्यापी प्रतिबंध लगाया जाएगा।
- ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011’ के विनियम 2.1.8(4) के तहत ऐसे प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा।
- यदि राज्य के बाहर बने दूध और दूध उत्पादों में हानिकारक केमिकल और बाहरी फैट की पुष्टि होती है, तो संबंधित ब्रांड की बिक्री पर राज्य-व्यापी प्रतिबंध लगाया जाएगा।

