नई दिल्ली, 20 सितम्बर। देश के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। इसको लेकर भाजपा बुरी तरह से भड़की उठी है। दरअसल, हामिद अंसारी ने एक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बात का जिक्र करते हुए कहा कि हिन्दू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता ही देश के लिए असल खतरा है।
पूर्व संवैधानिक विशेषज्ञ और लेखक एजी नूरानी ने अपनी पुष्तक ‘द आरएसएस : अ मीनेस टू इंडिया’ में पं. नेहरू के बयान के बारे में लिखा है। अंसारी ने उन उभरती प्रवृत्तियों के बारे में अपनी चिंता जताई, जिन्हें उन्होंने नागरिक राष्ट्रवाद के सिद्धांत के लिए चुनौतीपूर्ण बताया।
भाजपा ने विपक्ष पर हिन्दू विरोधी प्रचार फैलाने का आरोप लगाने के साथ माफी की मांग की
उनके इस बयान से भड़की भाजपा ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ तेज प्रतिक्रिया शुरू की। पार्टी ने इन टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए विपक्ष पर हिन्दू विरोधी प्रचार फैलाने का आरोप लगाया और माफी की मांग की।
न्यायविद् और लेखक अब्दुल गफूर नूरानी की जिंदगी और कार्यों को याद करने वाले एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान हामिद अंसारी ने वर्ष 2019 में प्रकाशित किताब के परिचय में नूरानी की बातों को याद किया। उन्होंने विदेश मंत्रालय की एक बैठक के दौरान जाहिर किए गए पं. नेहरू के विचारों का भी जिक्र किया। नेहरू के इन बयानों को पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने दर्ज किया था।
हामिद अंसारी ने कहा कि इस किताब में शुरुआती पंक्तियों में, उस समय भारत में मुसलमानों के बीच मौजूद भावना को दर्शाया गया। इसी क्रम में अंसारी ने जवाहरलाल नेहरू के बयान का भी उल्लेख करते हुए कहा, ‘ पं. नेहरू ने चेतावनी दी थी कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि दक्षिणपंथी हिन्दू सांप्रदायिकता है।’
अपने भाषण के दौरान, अंसारी ने नूरानी की रचनाओं और भारत में राष्ट्रीयता, पहचान और राजनीतिक घटनाओं पर उनके विचारों के बारे में भी बात की। उन्होंने नूरानी की उस आलोचना का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने इसे नागरिक राष्ट्रीयता से सांस्कृतिक राष्ट्रीयता की ओर एक बदलाव बताया। हामिद अंसारी ने कहा, ‘हाल के वर्षों में हमने ऐसे रुझानों और प्रथाओं का उदय देखा है, जो नागरिक राष्ट्रीयता के पहले से स्थापित सिद्धांत को चुनौती देती हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रीयता की एक नई और काल्पनिक प्रथा को पेश करती हैं।’


