Stock Market: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, Sensex 113 अंक और Nifty 42 अंक नीचे

मुंबई, 7 सितम्बर। भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह 9:18 बजे सेंसेक्स 113 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,410 पर था। वहीं निफ्टी 42 अंक यानी 0.16 प्रतिशत फिसलकर 23,861 पर कारोबार कर रहा था।

Media और IT Stocks पर दबाव

शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से मीडिया और आईटी शेयरों में देखने को मिला। सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty Media और Nifty IT प्रमुख गिरावट वाले इंडेक्स रहे। इसके अलावा Nifty Realty, Nifty Metal, Nifty Auto, Nifty Commodities, Nifty FMCG, Nifty Oil & Gas, Nifty Private Bank, Nifty Consumption और Nifty Consumer Durables भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं Nifty India Defence और Nifty Pharma ही हरे निशान में नजर आए।

Midcap और Smallcap में भी कमजोरी

लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिला। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 146 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 62,932 पर था, जबकि Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 19 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 20,078 पर कारोबार कर रहा था।

Sensex के इन शेयरों में तेजी

सेंसेक्स पैक में Eternal, BEL, Bharti Airtel, Bajaj Finance, ICICI Bank, L&T, Trent, Sun Pharma और Titan शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं Infosys, Tech Mahindra, HCL Tech, Tata Steel, IndiGo, Axis Bank, Kotak Mahindra Bank, Power Grid, HUL, Asian Paints, UltraTech Cement, NTPC और HDFC Bank में गिरावट दर्ज की गई।

Asian Markets में मिला-जुला कारोबार

एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, बैंकॉक, ताइपे, सियोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजारों में कमजोरी रही। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुआ था। डॉव जोन्स में 0.51 प्रतिशत, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

US Jobs Data से बढ़ी ब्याज दरों की चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों पर अमेरिकी जॉब डेटा का असर दिखाई दे रहा है। आंकड़े उम्मीद से करीब तीन गुना अधिक रहने के कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है। जानकारों का कहना है कि अगर फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है, तो इसका असर शेयर बाजारों पर नकारात्मक पड़ सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर इक्विटी बाजारों के लिए दबाव का कारण बनती हैं।

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