पटना, 25 अक्टूबर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को यहां डॉ. श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान किसी शख्स की टिप्पणी पर अपना आपा खो बैठे और बोल पड़े कि मोदी का बाप भी जाएगा।
दरअसल, भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने यह कहकर खरगे के भाषण में बाधा डाली कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए खरगे बोल पड़े ‘मोदी का बाप भी जाएगा’। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। यह घटना तब हुई, जब खरगे सभा को संबोधित कर रहे थे। उस व्यक्ति के यह चिल्लाने पर कि ‘मोदी नहीं जाएंगे’, कांग्रेस अध्यक्ष ने काफी नाराज होते हुए यह जवाब दिया।
Even Congress karyakartas know that PM Modi is not going anywhere!
Look how rattlee Kharge became when he heard it from his own karyakarta..😂 https://t.co/4YhOxMqbhJ
— Political Kida (@PoliticalKida) October 25, 2026
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की
खबरों में यह भी दावा किया गया है कि खरगे की बात में बाधा डालने वाले व्यक्ति के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और उसे हॉल से बाहर निकाल दिया। इस कथित मारपीट के हालात फिलहाल पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।
खरगे ने ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ का एलान किया
इस बीच, खरगे ने मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को रद करने, भविष्य के सभी चुनावों में फिर से मतपत्र (बैलेट पेपर) का इस्तेमाल शुरू करने और पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद करने की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह की, जिन्हें ‘श्री बाबू’ के नाम से भी जाना जाता है, 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने एसआई के विरोध को ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ करार दिया।
RSS व भाजपा पर विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा पर एक ऐसी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जो देश में विभाजन को और गहरा कर रही है। उन्होंने दावा किया, “जब तक आरएसएस की विचारधारा खत्म नहीं होगी, तब तक देश में शांति नहीं आएगी।”
चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
मतदाता सूची में हेरफेर करने और विपक्ष के समर्थकों के नाम हटाने का आरोप लगाते हुए खरगे ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में ‘वोट चोरी’ के जरिए हथियाई गई सरकारों को हटाया जाना चाहिए।” उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरने, अपने अधिकारों के लिए लड़ने और संविधान की रक्षा करने का आह्वान किया।
SIR प्रकिया तुरंत रोकने और पिछले 2 वर्षों में हुए विस चुनाव रद करने की मांग
खरगे ने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने और पिछले दो वर्षों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद करने की मांग की और जोर देकर कहा कि जनता चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही की हकदार है। उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए चुनाव मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए कराए जाने चाहिए। लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए और हर एक वोट की गिनती होनी चाहिए।’


