महाराष्ट्र में बारिश का कहर : पुणे में 5 की मौत; रायगढ़-रत्नागिरी में रेड अलर्ट, मुंबई-गोवा हाईवे 32 घंटे से बंद
पुणे/मुंबई, 7 जुलाई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पुणे, रायगढ़ और रत्नागिरी समेत कई जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से भारी वर्षा के चलते बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है। पुणे जिले में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तटीय जिलों के लिए अगले 48 घंटे का रेड अलर्ट जारी किया है।
पुणे में भूस्खलन और हादसों से भारी नुकसान
पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी के अनुसार, जिले के कई इलाकों में पिछले दो दिनों के दौरान 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। जिले में 22 स्थानों पर भूस्खलन और एक स्थान पर दीवार गिरने की घटना हुई। इन हादसों में पांच लोगों की जान चली गई और 20 अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जलभराव वाले इलाकों से कई लोगों को सुरक्षित निकाला है। एहतियात के तौर पर जिले की दो प्रमुख सड़कों सहित कुल नौ मार्गों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
वारकरियों से प्रशासन की विशेष अपील
देहू और आलंदी से निकलने वाली वारकरी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अत्यधिक जलभराव और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीधे पहुंचने के बजाय पुणे महानगरपालिका क्षेत्र या आगे के निर्धारित पड़ावों से यात्रा में शामिल हों।
लोनावला और रायगढ़ में राहत-बचाव अभियान तेज
लोनावला में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर में आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ बैठक कर रायगढ़ और रत्नागिरी की स्थिति की समीक्षा की। महाड में पहले से NDRF की टीम तैनात है, जबकि सुधागढ़ और रोहा के लिए 145 अतिरिक्त बचाव कर्मियों की मांग की गई है। राहत कार्यों में स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों की भी मदद ली जा रही है।
मुंबई-गोवा हाईवे 32 घंटे से बंद
लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पिछले 32 घंटे से अधिक समय से बंद है। रायगढ़ क्षेत्र में सड़क अवरुद्ध होने से हजारों यात्री फंसे हुए हैं। प्रशासन सड़क से मलबा हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चला रहा है।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
प्रशासन और मंत्री अदिति तटकरे ने नागरिकों से अपील की है कि अगले 48 घंटे अत्यंत संवेदनशील हैं। लोग बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विभाग ने भी तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
