प्रियंका गांधी, उमर अब्दुल्ला व असदुद्दीन ओवैसी ने खामेनेई की मौत की कड़ी निंदा की

नई दिल्ली, 1 मार्च। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवौसी ने अमेरिकी-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की कड़ी निंदा की है।

प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम लिए बिना कहा कि इन बढ़ते मामलों की वजह से कई देश अब लड़ाई में फंस गए हैं।

उन्होंने लिखा, ‘डेमोक्रेटिक दुनिया के तथाकथित नेताओं द्वारा एक सॉवरेन देश के लीडरशिप की टारगेटेड हत्या और बहुत सारे बेगुनाह लोगों की हत्या घिनौनी है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए, चाहे इसका कारण कुछ भी बताया गया हो। यह दुख की बात है कि कई देश अब लड़ाई में फंस गए हैं।’

प्रियंका गांधी ने इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए महात्मा गांधी की मशहूर कहावत, ‘आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देती है’ को कोट किया और उम्मीद जताई कि वह भारतीय नागरिकों को सुरक्षित घर लाने को प्राथमिकता देंगे।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद रविवार को हो रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच शांति की अपील की। ​​अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर के लोगों की, जिसमें स्टूडेंट्स भी शामिल हैं, सुरक्षा और भलाई पक्का करने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘चीफ मिनिस्टर ने ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की खबरें भी शामिल हैं। उन्होंने सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने और ऐसे किसी भी काम से बचने की अपील की है, जिससे तनाव या अशांति फैल सकती है।’

वहीं हैदराबाद से AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान पर यूएस-इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की और इसे ‘पूरी तरह से निंदनीय, गलत और गैर-कानूनी काम बताया। उन्होंने स्कूल स्ट्राइक में 108 लड़कियों समेत 200 से ज्यादा लोगों की मौत पर चिंता जताई और चेतावनी दी कि ये हमले पूरे इलाके को अस्थिर कर सकते हैं।

ओवैसी एक्स पर लिखा, ‘ईरान पर ट्रंप-इजराइल के हमले पूरी तरह से निंदनीय हैं। यह, खासकर तब जब जिनेवा में ईरान-यूएस बातचीत चल रही थी। पूरे ईरान में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें 108 लोग तब मारे गए, जब लड़कियों के स्कूल पर हमला हुआ। अयातुल्ला खामेनेई की हत्या एक गलत और गैर-कानूनी काम है। मेरी गहरी संवेदनाएं। ईरान पर ये हमले जल्द से जल्द बंद होने चाहिए अन्यथा पूरा इलाका अस्थिरता में फंस जाएगा।’

इसके पूर्व रविवार की सुबह ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका के एक बड़े हमले में मौत हो गई। सरकारी मीडिया ने बताया कि 86 वर्षीय खामेनेई की मौत तेहरान के डाउनटाउन में उनके कंपाउंड को निशाना बनाकर की गई एयरस्ट्राइक में हुई। एयरबस की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला कि उस जगह पर भारी बमबारी हुई थी।

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