यूपी : योगी कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को दी मंजूरी, किसानों-सरकारी वकीलों और बस यात्रियों पर सरकार मेहरबान
लखनऊ, 3 जून। योगी आदित्यनाथ की अगुआई वाली यूपी कैबिनेट की बुधवार शाम हुई बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस कड़ी में जेल, परिवहन, कृषि और विधि विभाग से जुड़े बड़े फैसलों पर कैबिनेट की मुहर लग गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एक ओर मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाया गया तो दूसरी ओर सरकारी वकीलों के पारिश्रमिक में जबर्दस्त बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश में बस यात्रियों को तोहफा देते हुए 1725 नई बसों को चलाने का एलान किया गया है जबकि विकास प्राधिकरणों के क्षेत्र में पास किए गए जिला पंचायत के नक्शे को अब प्राधिकरण रेगुलर करेगा।
17 नगर निगम और नोएडा में दौड़ेंगी 1725 नई बसें
कैबिनेट ने परिवहन विभाग का सबसे बड़ा प्रस्ताव पास किया। इसके तहत प्रदेश के 17 नगर निगम क्षेत्रों और नोएडा में कुल 1725 नई बसें चलाई जाएंगी। इनमें जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली बसें भी शामिल हैं। इसके लिए 16 नगर निगमों में स्पेशल परपज ह्वीकल यानी विशेष प्रयोजन कम्पनी बनाई जाएगी। यही कम्पनी बसों का संचालन करेगी।
इस परियोजना पर कुल 1852 करोड़ रुपये खर्च होंगे
इस परियोजना पर कुल 1852 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मौजूदा समय में चल रहीं 745 पुरानी बसें भी संचालित रहेंगी। नए रूट और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से शहरी यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकारी वकीलों के मानदेय में जबर्दस्त बढ़ोतरी
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राज्य विधि अधिकारियों यानी सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्ते में भी मजबूत बढ़ोतरी की गई है। नए रेट के मुताबिक अब जिला शासकीय अधिवक्ता को 14 हजार रुपये प्रति माह रिटेनर फीस और 2500 रुपये प्रति कार्य दिवस बहस फीस मिलेगी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता को 11 हजार रुपये रिटेनर और 2300 रुपये बहस फीस मिलेगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता का मानदेय 10 हजार रुपये और उप जिला शासकीय अधिवक्ता का मानदेय नौ हजार रुपये तय किया गया है।
नामिका वकील, विशेष अधिवक्ता और न्याय वित्त दीवानी फौजदारी के लिए 2300 रुपये प्रति कार्य दिवस तय हुआ है। महाधिवक्ता को 1.25 लाख रुपये प्रति माह और 60 हजार रुपये प्रति कार्य दिवस बहस फीस मिलेगी। अपर महाधिवक्ता को 50 हजार रुपये रिटेनर और 40 हजार रुपये बहस फीस मिलेगी। उच्चतम न्यायालय में तैनात अपर महाधिवक्ता को भी 50 हजार रुपये रिटेनर के साथ 50 हजार रुपये बहस फीस मिलेगी। मुख्य स्थायी अधिवक्ता को 35 हजार रुपये और अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता व अपर लोक अभियोजक को 20 हजार रुपये प्रति माह रिटेनर फीस दी जाएगी।
जेलों के लिए छह प्रस्ताव पास, पांच नई जेलें बनेंगी
जेल विभाग से जुड़े छह प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी। जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश में पांच नई कारागार बनाई जाएंगी। ये जेलें मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया, कानपुर और भदोही में स्थापित की जाएंगी। इससे जेलों में बढ़ रही बंदियों की संख्या का दबाव कम होगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश की जेलों में करीब 86 हजार बंदी हैं।
मृतक बंदियों के परिजनों को मुआवजा देने का भी फैसला
कैबिनेट ने मानवाधिकार आयोग के आदेश के क्रम में मृतक बंदियों के परिजनों को मुआवजा देने का भी फैसला किया। अब अगर किसी बंदी की मौत आपसी झगड़े में होती है तो परिवार को पांच लाख रुपये मिलेंगे। कर्मचारियों की लापरवाही से मौत होने पर भी पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। आत्महत्या के मामले में मृतक के परिवार को तीन लाख रुपये मिलेंगे।
मक्का का समर्थन मूल्य 175 रुपये बढ़ा
किसानों को राहत देते हुए सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 175 रुपये बढ़ा दिया हैष अब सरकार 2400 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से मक्का खरीदेगी। पहले यह दर 2225 रुपये थी।
नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि खरीद 15 जून से 31 जुलाई तक होगी। इसके लिए प्रदेशभर में 150 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। सरकार 25 हजार मेट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य रखती है। किसानों को भुगतान 48 घंटे के अंदर सीधे बैंक खाते में कर दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि अच्छे समर्थन मूल्य से किसानों का रुझान मक्का उत्पादन की तरफ बढ़ेगा।
लखनऊ में नया उपनिबंधक कार्यालय
कैबिनेट के एक अन्य निर्णय के तहत लखनऊ के मोहनलालगंज में नया उपनिबंधक कार्यालय बनेगा। यह कार्यालय 953 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन 90 वर्षों की लीज पर दी जाएगी। इससे मोहनलालगंज और आसपास के क्षेत्र के लोगों को रजिस्ट्री और दस्तावेज से जुड़े कामों में सुविधा होगी।
मैप का नियमितीकरण होगा
जिला पंचायत और विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 31 मार्च, 2026 तक पास किए गए सभी नक्शों को विकास प्राधिकरण नियमित कर देगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों निर्माणों को वैधता मिलेगी और अनियमित निर्माण को लेकर चल रही परेशानियों का अंत होगा।
प्रदेश के 18 शहरों में दौड़ेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें
कैबिनेट ने प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर वातानुकूलित इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि यह निर्णय प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण, नागरिकों की परिवहन आवश्यकताओं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) में कुल 1725 ई बसें चलाने का प्रस्ताव था, जिसमें से 743 इलेक्ट्रिक बसों का पहले से संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा 500 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा।
इससे नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, वातानुकूलित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी व प्रदेश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना से लगभग 10,500 प्रत्यक्ष और 35,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निर्णय उत्तर प्रदेश को हरित, आधुनिक और विश्वस्तरीय नगरीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
