मुंबई, 17 अगस्त। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंकों से ज्यादा फिसला, जबकि निफ्टी 50 भी लाल निशान में खुला। बाजार में आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी समेत कई प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली।
लाल निशान में खुला सेंसेक्स-निफ्टी
कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 22.55 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,343.45 के स्तर पर खुला। वहीं बीएसई सेंसेक्स 100 अंकों से ज्यादा गिरकर 77,892.92 के स्तर पर खुला। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 0.15 प्रतिशत की गिरावट है। व्यापक बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप 0.36 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.17 प्रतिशत नीचे कारोबार करते नजर आए।
फाइनेंशियल सर्विसेज और PSU बैंक शेयरों पर दबाव
सेक्टरवार कारोबार की बात करें तो निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में सबसे ज्यादा कमजोरी रही और यह करीब 0.98 प्रतिशत तक फिसला। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एफएमसीजी में भी करीब 0.9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी, सीमेंट, आईटी, ऊर्जा और निजी बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। हालांकि, कुछ सेक्टरों में खरीदारी भी हुई। निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स 0.48 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स में करीब 0.45 प्रतिशत की तेजी रही।
HCLTech, Infosys और TCS समेत IT शेयरों में गिरावट
निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान HCLTech, Infosys, TMPV, TCS, Dr. Reddy’s Laboratories और Wipro में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर HDFC Life, Hindalco, Max Healthcare, ONGC, Eicher Motors और Titan के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
कच्चे तेल की कीमत बनी बाजार के लिए चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से बना हुआ है। विश्लेषकों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जल्द खत्म होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिलने से निवेशक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय हैं और इससे बाजार की तेजी सीमित हो सकती है।
24,000-24,600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में निफ्टी 24,000 से 24,600 के दायरे में कारोबार कर सकता है। उनका कहना है कि जब तक बाजार को कोई नया सकारात्मक ट्रिगर नहीं मिलता, तब तक सूचकांकों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, पिछले सप्ताह 24,329 से 24,240 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन रहा था। इस स्तर पर गिरावट कई बार थमती देखी गई। हालांकि, बाजार की मौजूदा गति कमजोर बनी हुई है।
24,540-24,666 पर अहम रेजिस्टेंस
विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी में तेजी आने पर 24,540 से 24,666 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 24,170 के स्तर से नीचे फिसलता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और सूचकांक 23,575 तक नीचे जा सकता है।
मिडकैप-स्मॉलकैप में स्टॉक आधारित अवसर
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा माहौल में निवेशक निफ्टी 50 के बाहर भी अवसर तलाश सकते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। पहली तिमाही के नतीजों के दौरान भी व्यापक बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है। यदि कंपनियों की कमाई में सुधार का सिलसिला जारी रहता है तो ऊंचे कच्चे तेल और अन्य वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार को इससे समर्थन मिल सकता है।
निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम पर
फिलहाल बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमत, अमेरिका-ईरान तनाव, वैश्विक बाजारों का रुख और घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे अहम भूमिका निभा सकते हैं। निवेशक आने वाले कारोबारी सत्रों में ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर खास नजर रखेंगे। ऊंचे तेल भाव लंबे समय तक बने रहने की स्थिति में भारतीय बाजार के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

