अमेरिका ने कहा – ‘चीन-पाक’ के रिश्तों वाले राहुल गांधी के बयान का हम समर्थन नहीं करते

नई दिल्ली, 3 फरवरी। अमेरिका ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘भारत सरकार की विदेश नीति की वजह से चीन-पाकिस्तान करीब आ रहे हैं’ वाले बयान को खारिज किया है। इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस का कहना है कि वह राहुल गांधी की इस टिप्पणी का समर्थन नहीं करते।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में कहा था कि चीन और पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रभावी नीतियों की वजह से पहले से और ज्यादा करीब आ गए हैं। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने गांधी के इस बयान पर सवाल पूछने पर कहा, ‘यह पाकिस्तान और चीन का मुद्दा है और इसे उन दोनों देशों पर ही छोड़ देना चाहिए। मैं निश्चित रूप से उन टिप्पणियों का समर्थन नहीं करूंगा।’

राहुल ने संसद में मोदी सरकार पर जमकर साधा था निशाना

दरअसल, राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने था कि देश को ‘शहंशाह’ की तरह चलाने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि चीन के पास एक क्लियर प्लान मौजूद है। उसकी नींव लद्दाख और डोकलाम में रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार ने कश्मीर पर गलत फैसला लिया है।

 

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चीन और पाकिस्तान पर बात करते हुए राहुल गांधी ने संसद में कहा था, ‘खतरे से आप खेल रहे हैं। मेरी मानिए तो रुक जाइए। आप चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद के खतरे को हल्के में मत लीजिए। चीन और पाकिस्तान को आप साथ ला चुके हैं। मुझे कोई शक नहीं है कि चीन के पास क्लियर प्लान मौजूद है। लद्दाख और डोकलाम में इसकी नींव रखी जा चुकी है। देश के लिए ये एक बहुत बड़ा खतरा है। जम्मू-कश्मीर के साथ विदेश नीति में भी आपने बहुत बड़ी रणनीतिक गलतियां की हैं। ऐसे में दो मोर्चों को आपने एक मोर्चे में तब्दील कर दिया है।’

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