नई दिल्ली, 15 सितम्बर। खेल मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि 19 सितम्बर से जापान में शुरू होने वाले एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर पिछले तीन वर्षों में प्रशिक्षण, उपकरण सहायता तथा कोच एवं विशेषज्ञों की नियुक्ति पर 702 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
310 खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगे
खेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी टारगेट ओलम्पिक पोडियम योजना (TOPS) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एन.एस. जोहल ने मंगलवार को यहां मीडिया कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय दल में इस बार 310 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगे।
हांगझू खेलों में देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (106 पदक) से बेहतर की उम्मीद
जोहल ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत प्रदर्शन के लिए जरूरी लय हासिल कर ली है और वे पिछले हांगझू एशियाई खेलों में हासिल किए गए देश के सर्वश्रेष्ठ 106 पदकों के प्रदर्शन की बराबरी या उससे बेहतर करने की स्थिति में हैं।

उन्होंने कहा, ‘विभिन्न खेलों में अच्छी लय बनी हुई है। दल में बड़ी संख्या में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी हैं और टॉप्स के सीईओ के तौर पर यह मेरे लिए गर्व की बात है। खेलों में प्रतिभा को निखरने में काफी समय लगता है और जब युवा खिलाड़ी कम उम्र में शीर्ष स्तर तक पहुंचने में सफल होते हैं तो यह भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है।’
Aichi-Nagoya 2026 में वैभव सहित इन युवा खिलाड़ियों पर रहेगी विशेष नजर
आइची-नागोया एशियाई खेलों में जिन युवा खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी, उनमें मंत्रालय से वित्तीय सहायता नहीं पाने वाले 15 वर्षीय क्रिकेट प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी, टेबल टेनिस खिलाड़ी सिंड्रेला दास, बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी और हाल में जूनियर विश्व खिताब जीतने वाली 18 वर्षीय स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह शामिल हैं। जूडो में अस्मिता डे भी आकर्षण का केंद्र होंगी, जो इस खेल में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं।
भारतीय दल में ‘खेलो इंडिया’ प्रणाली से आए 65 खिलाड़ी शामिल
जोहल ने कहा, “इस वर्ष जनवरी से हमने टारगेट एशियाई खेल समूह की नौ समन्वय बैठकें की हैं। हमारा पूरा प्रयास रहा है कि विभिन्न महासंघों से जुड़ी प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद खिलाड़ियों को सर्वोत्तम संभव माहौल उपलब्ध कराया जाए। सबसे बड़ी बात यह रही कि तमाम चुनौतियों के बावजूद खिलाड़ियों से हमारा ध्यान नहीं हटा। हमारे दल में 65 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो खेलों के लिए हमारी आधारभूत प्रणाली ‘खेलो इंडिया’ से आए हैं।”
अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भागीदारी पर सर्वाधिक 251.4 करोड़ रुपये खर्च
मंत्रालय ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारी के लिए वार्षिक प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण कैलेंडर के तहत 702.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा टॉप्स कोष से तैयारी के लिए 97.84 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा 251.4 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को अनुभव दिलाने पर खर्च हुआ। वहीं घरेलू प्रशिक्षण पर 118.3 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
भारत इस बार 36 खेलों में 501 खिलाड़ियों का दल उतारेगा
एशियाई खेलों में भारत 36 खेलों में 501 खिलाड़ियों का दल उतारेगा, जिसमें 267 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी हैं। इनके साथ 265 सहयोगी स्टाफ भी होगा। हांगझू खेलों में भारत ने 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य सहित कुल 106 पदक जीते थे।


