वॉशिंगटन, आठ अक्टूबर। अमेरिकी श्रम विभाग ने इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़, कॉग्निज़ेंट व कैपजेमिनी सहित आठ बड़ी टेक्नोलॉजी और आईटी कम्पनियों को अमेरिका के परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम (PERM) यानी यूएस ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से बाहर कर दिया है।
अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग ने दी जानकारी
अमेरिकी श्रम मंत्री कीथ सॉन्डरलिंग के एक बयान के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को भी इस कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है। इन दोनों कम्पनियों के खिलाफ चल रही कई संघीय जांचों को इसकी वजह बताया गया है।
The HISTORIC action we’re taking today is a critical first step to END the MISUSE of the visa process and protect American Workers.
The suspensions of these companies from the permanent visa program are a HUGE WIN for hardworking Americans.
Our workforce is the most talented and driven anywhere in the world and that’s why @USDOL under the leadership of @POTUS, @VP, and @USLaborIG on the @WHFraudTF is ensuring American businesses hire Americans and not cheap foreign labor.
We WILL NEVER STOP FIGHTING FOR THE AMERICAN PEOPLE AND DEFENDING THEM FROM FRAUD. 👊 🇺🇸
— Secretary Keith Sonderling (@Sonderling47) October 8, 2026
सॉन्डरलिंग ने कहा, ‘मैं दुनिया की कुछ सबसे बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कम्पनियों – कॉग्निज़ेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम से निलंबित कर रहा हूं। अमेरिकी श्रम विभाग कई संघीय जांचों के चलते माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी को भी इस कार्यक्रम से निलंबित कर रहा है।’
अमेरिकी कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट ने इस व्यवस्था का सर्वाधिक दुरुपयोग किया
उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट का भी खास तौर पर जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का गलत इस्तेमाल माइक्रोसॉफ्ट से ज्यादा शायद ही किसी दूसरी अमेरिकी कम्पनी ने किया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि माइक्रोसॉफ्ट ने 2025 में करीब छह हजार अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इससे पहले कम्पनी ने यह बताया था कि उसे कुछ पदों के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिल सके।
सॉन्डरलिंग ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आज हम जो ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं, वह वीजा प्रक्रिया के दुरुपयोग को समाप्त करने और अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। इन कम्पनियों को स्थायी वीजा कार्यक्रम से निलंबित करना मेहनती अमेरिकियों के लिए एक बड़ी जीत है।’


