लखनऊ, 27 जुलाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला देर से उठाया गया कदम है, लेकिन विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह ज्यादा चुनावी घोषणा नजर आती है। मायावती ने कहा कि भर्तियां पेपर लीक और भ्रष्टाचार से मुक्त होनी चाहिए, तभी युवाओं को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा।
मायावती ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा सही दिशा में कदम हो सकती है, लेकिन यह चुनावी कदम अधिक प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों की प्रक्रिया समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी होनी चाहिए, ताकि यह घोषणा चुनावी छलावा साबित न हो।
आरक्षित पदों के बैकलॉग पर भी उठाया सवाल
बसपा सुप्रीमो ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के आरक्षित पदों के बैकलॉग पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के खाली पड़े आरक्षित पदों पर भर्ती को लेकर भी लोगों को सरकार की घोषणा का इंतजार है। मायावती ने कहा कि 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण के नियमों को लेकर इन वर्गों के करीब 6,800 अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आंदोलनरत अभ्यर्थियों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की। मायावती के मुताबिक, इन अभ्यर्थियों को वास्तविक राहत सरकार ही दे सकती है।
स्कूली शिक्षा की व्यवस्था सुधारने की मांग
मायावती ने उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में स्कूली शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बसपा लंबे समय से सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करती रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब 30 हजार सरकारी स्कूल बंद किए जा चुके हैं। मायावती ने सरकार से इन स्कूलों को दोबारा बेहतर तरीके से सक्रिय करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की।
महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि महिलाओं के लिए केवल निशुल्क यात्रा जैसी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने महिलाओं को शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न से बचाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए ठोस नीतियां लागू करने की जरूरत बताई। मायावती ने कहा कि सरकारों को महिलाओं के हित में सही नीयत और प्रभावी नीति के साथ काम करना चाहिए, ताकि उन्हें वास्तविक रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।


