तमिलनाडु : TVK नेता विजय गुरुवार को ले सकते हैं शपथ, राज्यपाल से भेंट कर सरकार बनाने का पेश किया दावा
चेन्नई, 6 मई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पार्टी के प्रमुख थलापति विजय ने बुधवार को राजभवन जाकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।
राजनीतिक गहमागहमी के बीच राज्यपाल आर्लेकर दिन में इंडिगो एयरलाइंस की पैसेंजर फ्लाइट से केरल के तिरुवनंतपुरम से चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचे। चेन्नई एयरपोर्ट से वह गुइंडी में गवर्नर हाउस गए। इसके बाद टीवीके विधायक दल के नेता विजय ने दोपहर करीब 3.30 बजे गवर्नर हाउस में राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने गवर्नर को एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने अपने नेतृत्व में सरकार बनाने का आधिकारिक दावा किया।
माना जा रहा है कि गवर्नर को सौंपे पत्र में विजय ने कहा कि उन्हें कुल 113 विधायकों का समर्थन है, जिसमें 108 टीवीके के विधायक और पांच कांग्रेस विधायक शामिल हैं। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान विजय के साथ पार्टी के सीनियर नेता ‘बुस्सी’ आनंद, केए सेंगोट्टैयन, निर्मल कुमार, अरुणराज और आधव अर्जुन शामिल थे।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज
सरकारी सूत्रों का यह भी कहना है कि सिने स्टार से राजनेता बनने के बाद अपनी पहली ही चुनावी कोशिश में अभूतपूर्व सफलता हासिल करने वाले थिरु विजय गुरुवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर सकते हैं। इस निमित्त पार्क टाउन में सिडेनहैम्स रोड पर चेन्नई सेंट्रल उपनगरीय रेलवे स्टेशन के पास स्थित 40 हजार क्षमता वाले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
स्टालिन ने मंगलवार को दे दिया था सीएम पद से इस्तीफा
इसके पूर्व मंगलवार को डीएमके प्रमुख व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया था। राज्यपाल ने स्टालिन से नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक सीएम के तौर पर बने रहने को कहा था।
तमिलनाडु : कांग्रेस ने TVK की सरकार बनाने के लिए समर्थन का किया एलान
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने राज्य में धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है। टीवीके नेता विजय ने कांग्रेस नेतृत्व से समर्थन का आग्रह किया था, जिसके बाद पार्टी आलाकमान ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी को राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुछ शर्तों के साथ विजय को समर्थन करने के फैसले पर मुहर लगाई गई। कांग्रेस अब तक द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी।
