ममता बनर्जी का एलान- ‘राष्ट्रपति शासन लगता है तो लगे, इस्तीफा नहीं दूंगी…’

कोलकाता, 6 मई। पश्चिम बंगाल में डेढ़ दशक से जारी सत्ता भाजपा के हाथों गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग सहित केंद्र सरकार के अधीन एजेंसियों के खिलाफ प्रहार जारी रखा है। इस क्रम में उन्होंने बुधवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव नतीजों और मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि कि चाहे राज्य में राष्ट्रपति शासन ही क्यों न लग जाए, लेकिन वह इस्तीफा नहीं देंगी।

ममता बनर्जी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव हारने के बावजूद वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने नहीं जा रही हैं। उन्होंने पार्टी की बैठक में कहा है कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगता है तो लग जाए, लेकिन वह इस्तीफा नहीं देंगी।

अब चंद्रिमा संग अदालत में बतौर वकीस प्रैक्टिस शुरू करेंगी

टीएमसी प्रमुख ने कहा कि अब वह और चंद्रिमा (चंद्रिमा भट्टाचार्य, टीएमसी नेता) अदालत में बतौर वकील प्रैक्टिस शुरू करने जा रहे हैं। ममता ने कहा कि अभी और आने वाले समय में तमाम केस खड़े होने वाले हैं। ऐसे में वह, चंद्रिमा, बिप्लब मित्रा और बिमान बनर्जी इन केसों को मुकाबला वकील बनकर करेंगे।

उन्होंने यह घोषणा भी कि वह अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को अकेला नहीं छोड़ेंगी। पार्टी की बैठक में उन्होंने सबसे साफ कहा है कि अभिषेक ने काफी कड़ी मेहनत की है। इसके बाद वह वहां मौजूद सभी लोगों के साथ खड़ी हुईं और अभिषेक बनर्जी की मेहनत को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करते हुए तारीफ की।

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2026 में इतिहास रचा है। पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। पार्टी ने अब तक घोषित 293 सीटों के परिणामों में 207 सीटों पर जीत हासिल की है। यह 2021 विधानसभा चुनाव में मिली 77 सीटों से काफी ज्यादा है। दूसरी ओर, पिछली बार 212 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई।

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