जालंधर बीएसएफ मुख्यालय के पास एक्टिवा पर ग्रेनेड हमला, आतंकी साजिश की पुष्टि
जालंधर, 6 मई। बीएसएफ मुख्यालय के गेट के पास एक्टिवा स्कूटर में हुआ धमाका महज एक हादसा नहीं था। सुरक्षा एजेंसियों और शीर्ष खुफिया सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह एक टारगेटेड ग्रेनेड हमला था। मंगलवार सुबह हुई इस घटना ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था और सीमा पार से चल रही आतंकी साजिशों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- हमले के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, हमला पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा हो सकता है। शुरुआत में इसे वाहन की तकनीकी खराबी या आग का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच में यह साफ हो गया कि यह सोची-समझी आतंकी वारदात थी। इसका मकसद पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता को भंग करना था।
- गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ का खतरा
इस हमले का सबसे चिंताजनक पहलू विदेशी आतंकियों और स्थानीय गैंगस्टरों का बढ़ता समन्वय है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि पाकिस्तान या यूरोप में बैठे हैंडलर डिजिटल माध्यमों से निर्देश देते हैं और पंजाब के सक्रिय आपराधिक नेटवर्क तथा गैंगस्टरों को मोहरा बनाकर हमले करवाते हैं। यह पैटर्न पंजाब में पिछले कुछ समय से लगातार देखा जा रहा है।
- पंजाब में बढ़ते ग्रेनेड हमले
जालंधर की यह घटना अकेली नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक:
1- 2024 से अब तक पंजाब में 20 से ज्यादा ग्रेनेड हमले हो चुके हैं।
2- अधिकांश हमले सीमावर्ती जिलों और अमृतसर, जालंधर जैसे प्रमुख शहरों में हुए।
3 -मुख्य निशाने पर रहे हैं- पुलिस ठिकाने, सुरक्षा बल और राजनीतिक कार्यालय।
जांच और सुरक्षा उपायघटना के तुरंत बाद पंजाब पुलिस, एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, फॉरेंसिक टीमों ने साक्ष्य जुटाए हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। राज्य भर में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी कोई भी नापाक कोशिश विफल की जा सके।
