Homeहिन्दीअंतरराष्ट्रीयट्रंप ने गबार्ड के बयान को किया खारिज, कहा - 'ईरान के...

ट्रंप ने गबार्ड के बयान को किया खारिज, कहा – ‘ईरान के बारे में मेरे खुफिया विभाग की राय गलत थी’

वॉशिंगटन, 21 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की पूर्व में व्यक्त की गई इस राय को गलत बताया है कि अमेरिका के विचार में ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है। शुक्रवार को अपनी ‘सुपर पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ के लिए धन जुटाने के वास्ते न्यूजर्सी पहुंचने पर ट्रंप से मार्च में कांग्रेस को दिए गए गबार्ड के बयान के बारे में पूछा गया।

दरअसल गबार्ड ने तब कहा था कि अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना ​​है कि ईरान परमाणु हथियारों पर काम नहीं कर रहा है। इस पर राष्ट्रपति ने कहा,‘‘ तो फिर, मेरा खुफिया समुदाय गलत है। खुफिया समुदाय में किसने ऐसा कहा?’’ ट्रंप को जब बताया गया कि यह बात गबार्ड ने कही थी तो उन्होंने कहा, ‘‘ उनकी राय गलत है।’’

गबार्ड ने कहा – ‘मेरी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा’ 

इस बीच गबार्ड ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका के पास खुफिया जानकारी है कि ईरान इस स्थिति में है कि वह कुछ हफ्तों या महीनों के भीतर परमाणु हथियार बना सकता है।’’ गबार्ड ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं होने दिया जा सकता और मैं इससे सहमत हूं।’’

इजराइल और ईरान के बीच जारी घातक हमलों के मध्य ह्वाइट हाउस ने हाल ही में कहा कि ट्रंप दो सप्ताह के भीतर यह तय करेंगे कि अमेरिकी सेना इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होगी या नहीं। ह्वाइट हाउस ने कहा कि अतिरिक्त समय की मांग ‘‘इस तथ्य पर आधारित है कि निकट भविष्य में ईरान के साथ बातचीत की पर्याप्त संभावना है या नहीं।’’

लेकिन शुक्रवार को ट्रंप ने खुद इस बात पर संदेह जताया कि बातचीत से इजराइल और ईरान के बीच लड़ाई रुक सकती है। ट्रंप ने कहा कि भले ही वह युद्धविराम का समर्थन करते हैं, लेकिन ईरान पर इजराइल के हमलों को ‘‘रोकना बहुत मुश्किल हो सकता है।’’

अभी हमले रोकने के लिए इजराइल से अनुरोध करना कठिन

ईरान के इस सुझाव के बारे में पूछे जाने पर कि अगर अमेरिका वार्ता को आगे बढ़ाने के बारे में गंभीर है तो वह इजराइल से हमले रोकने को कहे, इस पर ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अभी यह अनुरोध करना बहुत कठिन है।’’

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments