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मेलोनी पर ट्रंप ने की फिर टिप्पणी,कहा- नाटो पर खरबों खर्च करने के बाद भी ईरान के परमाणु खतरे पर इटली साथ नहीं

मेलोनी पर ट्रंप ने की फिर टिप्पणी,कहा- नाटो पर खरबों खर्च करने के बाद भी ईरान के परमाणु खतरे पर इटली साथ नहीं

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वाशिंगटन, 22 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियां बटोरते रहते हैं। फिलहाल, उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर जो टिप्पणी की, उसकी खूब चर्चा हो रही है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति को पीएम मेलोनी समेत इटली के कई अन्य नेताओं ने भी करारा जवाब दिया। इसके बाद अब ट्रंप ने इटली को घेरते हुए कहा कि नाटो पर खरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी इटली और पीएम मेलोनी ईरान और उससे जुड़े गंभीर परमाणु खतरे के मुद्दे पर शामिल होने के बारे में सोचने तक को तैयार नहीं हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “नाटो पर खरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी इटली और उसकी प्रधानमंत्री इस्लामिक गणराज्य ईरान और उससे जुड़े गंभीर परमाणु खतरे के मुद्दे पर शामिल होने के बारे में सोचने तक को तैयार नहीं हैं। दशकों से हम उनकी रक्षा करते आए हैं, लेकिन जब हमारी और दुनिया की सुरक्षा की बात आती है, तो वे हमारे साथ खड़े नजर नहीं आते। यह अच्छी बात नहीं है!” दरअसल, जी7 से लौटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसके बाद बवाल मच गया।

ट्रंप ने दावा किया कि जी-7 शिखर सम्मेलन में मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए ‘गिड़गिड़ाकर मिन्नत’ की। ट्रंप के इस बयान के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न तो मैं और न ही इटली कभी गिड़गिड़ाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि हाल ही में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए ‘गिड़गिड़ाकर अनुरोध किया था।’

इस बयान पर नाराजगी जताते हुए जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं और इटली कभी किसी के आगे गिड़गिड़ाते नहीं हैं।” मेलोनी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की बातें पूरी तरह काल्पनिक हैं। हमें समझ नहीं आता कि अमेरिका के राष्ट्रपति ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं, खासकर अपने सहयोगी देशों के साथ। हम चाहेंगे कि वे पश्चिमी देशों के दुश्मनों के प्रति भी उतनी ही सख्ती दिखाएं। मेलोनी ने कहा कि राजनीतिक विचार चाहे जो भी हों, अमेरिका के राष्ट्रपति को किसी करीबी यूरोपीय सहयोगी देश के लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता का सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाने या उनका अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है।

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