अशोक सिंघल की जयंती पर गडकरी, योगी समेत कई नेताओं ने किया नमन, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका को किया याद

नई दिल्ली, 27 सितंबर। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की जयंती पर केंद्रीय मंत्रियों, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा नेताओं ने उन्हें याद किया। नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और VHP में सिंघल की भूमिका का उल्लेख करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को हुआ था और 17 नवंबर 2015 को उनका निधन हुआ। वे लंबे समय तक VHP के शीर्ष नेतृत्व में रहे और अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से प्रमुख रूप से जुड़े रहे।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें जयंती पर नमन किया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी सिंघल को याद करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति के जागरण, समाज को संगठित करने और श्रीराम मंदिर निर्माण के संकल्प को जनआंदोलन बनाने में उनका योगदान स्मरणीय रहेगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी अशोक सिंघल के भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण से जुड़े योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र और संस्कृति के प्रति समर्पित रहा।

योगी आदित्यनाथ समेत कई मुख्यमंत्रियों ने किया स्मरण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अशोक सिंघल को श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ा प्रमुख चेहरा बताते हुए उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सिंघल के सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को याद किया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अशोक सिंघल को नमन किया। पुष्कर सिंह धामी ने हिंदू समाज के संगठन, भारतीय संस्कृति के जागरण और राष्ट्रसेवा से जुड़े सिंघल के कार्यों का उल्लेख किया। वहीं, भजनलाल शर्मा ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया।

केशव प्रसाद मौर्य और अरुण गोविल ने भी दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर उन्हें नमन किया। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में सिंघल की भूमिका और संत समाज को एकजुट करने से जुड़े उनके प्रयासों का उल्लेख किया। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सनातन संस्कृति के जागरण और श्रीराम मंदिर आंदोलन से जुड़े उनके योगदान को याद किया। ऐतिहासिक रूप से भी अशोक सिंघल की भूमिका श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी रही। गृह मंत्रालय की लिब्रहान आयोग रिपोर्ट में 1984 में VHP की धर्म संसद और आंदोलन के शुरुआती संगठनात्मक चरणों के संदर्भ में सिंघल का उल्लेख मिलता है।

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