लखनऊ, 25 सितंबर। घर में घड़ी कहां लगानी चाहिए: घड़ी हमारे घर का रोजमर्रा का जरूरी हिस्सा है। आमतौर पर लोग खाली दीवार देखकर वहां घड़ी लगा देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं में घड़ी की दिशा और स्थान को लेकर कुछ बातें बताई गई हैं। मान्यता है कि सही दिशा में लगाई गई घड़ी घर के वातावरण में सकारात्मकता बनाए रखने में सहायक हो सकती है।
हालांकि, इन वास्तु मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए इन्हें आस्था और परंपरा के नजरिए से ही देखना चाहिए। व्यावहारिक रूप से घड़ी ऐसी जगह लगाना बेहतर है, जहां वह आसानी से दिखाई दे और कमरे की सजावट के साथ भी संतुलित लगे।
उत्तर दिशा में घड़ी लगाना माना जाता है शुभ
वास्तु की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार घर की उत्तर दिशा को घड़ी लगाने के लिए अनुकूल माना जाता है। उत्तर दिशा को धन और नए अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से इस दिशा की दीवार पर घड़ी लगाना कुछ लोग शुभ मानते हैं। हालांकि, केवल वास्तु के लिए घर की पूरी व्यवस्था बदलने की जरूरत नहीं है। अगर उत्तर दिशा में घड़ी लगाने के लिए उपयुक्त जगह नहीं है तो कमरे की सुविधा और दीवार की स्थिति को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।
पूर्व दिशा भी हो सकती है अच्छा विकल्प
पूर्व दिशा को भी वास्तु में महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिशा की दीवार पर घड़ी लगाने को लेकर भी सकारात्मक मान्यता प्रचलित है। अगर कमरे में पूर्व दिशा की दीवार खाली है और वहां लगी घड़ी आसानी से दिखाई देती है तो इसे एक विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है। खासकर लिविंग रूम या परिवार के सदस्यों के अधिक समय बिताने वाले स्थान पर घड़ी ऐसी ऊंचाई पर लगाएं, जहां सभी लोग इसे आसानी से देख सकें।
बंद या खराब घड़ी घर में न रखें
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में बंद या खराब घड़ी को घर में रखना उचित नहीं माना जाता। व्यावहारिक तौर पर भी रुकी हुई घड़ी किसी काम की नहीं होती और कमरे की व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। अगर घड़ी खराब हो गई है तो उसे जल्द ठीक करवाएं या जरूरत पड़ने पर बदल दें। इसी तरह घड़ी का शीशा टूट गया हो तो उसे लंबे समय तक दीवार पर लगाए रखने से बचना बेहतर है।
घड़ी को बहुत ऊंचाई या नीचे लगाने से बचें
घड़ी की ऊंचाई भी व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां बिना ज्यादा गर्दन ऊपर या नीचे किए समय आसानी से देखा जा सके। बहुत ऊंचाई पर लगी घड़ी देखने में असुविधाजनक हो सकती है, जबकि बहुत नीचे लगाने पर कमरे के फर्नीचर या अन्य सामान से टकराने की संभावना रहती है। इसलिए कमरे के आकार और दीवार की ऊंचाई के अनुसार घड़ी के लिए उचित स्थान चुनें।
बेडरूम में घड़ी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बेडरूम में घड़ी लगाते समय उसकी जगह के साथ आराम का भी ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी घड़ी लगाने से बचें जिसकी तेज रोशनी या लगातार टिक-टिक रात में नींद में परेशानी पैदा करे। कुछ वास्तु मान्यताओं में बिस्तर के ठीक सामने घड़ी लगाने से बचने की सलाह भी दी जाती है। हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि घड़ी की जगह ऐसी हो जिससे कमरे में रहने वालों की सुविधा और आराम प्रभावित न हो।
घड़ी लगाते समय वास्तु के साथ सुविधा भी देखें
घड़ी की दिशा को लेकर अलग-अलग वास्तु मान्यताएं हो सकती हैं, लेकिन घर में इसका स्थान तय करते समय सुविधा, सुरक्षा और कमरे की सजावट को भी ध्यान में रखना चाहिए। उत्तर और पूर्व दिशा को लेकर सकारात्मक मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन इनके वैज्ञानिक प्रभाव का प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इन मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे आस्था और परंपरा के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।


