BWF विश्व बैडमिंटन : त्रीसा-गायत्री का साहसिक सफर खत्म, सेमीफाइनल में विश्व नंबर एक चीनी जोड़ी से परास्त

नई दिल्ली, 22 अगस्त। BWF विश्व बैडमिंटन चैम्पियशिप के 30वें संस्करण में मेजबान भारत के लिए इकलौता पदक पक्का करने वालीं त्रीसा जॉली व गायत्री गोपीचंद पुलेला का साहसिक सफर शनिवार को खत्म हो गया, जब वे महिला युगल के संघर्षपूर्ण सेमीफाइनल में विश्व नंबर एक चीनी जोड़ी – लियू शेंग शू व टैन निंग से परास्त हो गईं।

लियु शेंग व टैन निंग से पहला गेम छीनने के बाद कमजोर पड़ीं गायत्री-त्रीसा

इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम के कोर्ट नंबर एक पर खेले गए दिन के छठे मैच में घरेलू दर्शकों की बांछें उस वक्त खिल उठीं, जब विश्व रैंकिंग में 39वें क्रम पर काबिज गायत्री व त्रीसा ने टॉप सीड चीनी युगल से पहला गेम छीन लिया। लेकिन इसके बाद लियु शेंग व टैन निंग ने रफ्तार पकड़ी तो हमउम्र 23 वर्षीय भारतीय शटलरों की पकड़ ढीली पड़ गई और वे 71 मिनट तक खिंची कश्मकश 21-18,13-21, 8-21 से गंवा बैठीं।

गायत्री-त्रीसा की चीनी दिग्गजों के खिलाफ रिकॉर्ड 1-7

वैसे देखा जाए तो त्रीसा व गायत्री की चीनी दिग्गजों के खिलाफ यह लगातार सातवीं हार थी और अब तक दोनों टीमों की आपसी मुलाकात में लियु शेंग व टैन निंग 7-1 से आगे हैं। भारतीय जोड़ी ने वर्ष 2023 में दुबई में बैडमिंटन एशिया मिक्स्ड टीम चैम्पियनशिप के दौरान लियु शेंग व टैन निंग के साथ हुई पहली मुलाकात में जीत हासिल की थी।

महिला युगल में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली दूसरी जोड़ी

इसी हफ्ते की शुरुआत में अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित त्रीसा व गायत्री की हार से अब भारत को चैम्पियनशिप में एक कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा। फिलहाल त्रीसा व गायत्री विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला युगल जोड़ी बन गईं। ज्वाला गुट्टा व अश्विनी पोनप्पा ने 15 वर्ष पहले लंदन में कांस्य पदक जीता था और वहीं से हर संस्करण में भारत के कम से कम एक पदक जीतने का सिलसिला शुरू हुआ था, जो अब तक कायम है।

हालिया वर्षों में त्रीसा-गायत्री के उल्लेखनीय प्रदर्शन

त्रीसा व गायत्री की जोड़ी 2022 व 2023 में लगातार दो वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थी। उन्होंने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक भी जीता था और पिछले वर्ष की शुरुआत में दुनिया की शीर्ष 10 जोड़ियों में जगह बनाई थी। हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में त्रीसा के टखने में चोट लगने के कारण यह जोड़ी कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई थी। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज जीता। अब यहां शानदार प्रदर्शन से एक बार उनकी रैंकिंग में अच्छी छलांग लगेगी।

पहले गेम में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली

मुकाबले की बात करें भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक शुरुआत करते हुए पहले गेम में 7-2 की बढ़त बना ली। लियू और टैन ने लगातार छह अंक लेकर वापसी की और ब्रेक तक 11-7 से आगे हो गईं। भारतीय जोड़ी फिर चढ़ी और स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया।

त्रीसा के शानदार क्रॉस-कोर्ट शॉट और आक्रामक खेल की मदद से भारत ने फिर बढ़त बनाई। स्कोर 18-18 होने के बाद त्रीसा ने एक शानदार शॉट लगाया और भारत 19-18 से आगे हो गया। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार दो अंक लेकर पहला गेम 21-18 से जीत लिया।

दूसरे गेम में 10-10 की बराबरी के बाद लियु-टैन ने बढ़ाया दबाव

दूसरे गेम में चीन की जोड़ी ने 3-0 की बढ़त के साथ शुरुआत की। भारत ने वापसी करते हुए स्कोर 10-10 से बराबर किया और कुछ समय के लिए बढ़त भी बनाई। लेकिन इसके बाद लियू और टैन ने लगातार दबाव बनाया। भारतीय खिलाड़ियों की गलतियों का फायदा उठाते हुए चीन ने 17-12 व फिर 19-12 की बढ़त के बाद मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम में पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में शुरुआती संघर्ष के बाद त्रीसा-गायत्री पर थकान हावी

तीसरे गेम की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। भारतीय जोड़ी ने एक लंबी 56 शॉट की रैली जीतकर स्कोर 2-2 किया। इसके बाद चीन की जोड़ी ने खेल की गति बदल दी और धीरे-धीरे बढ़त बढ़ान शुरू किया, जिससे उनकी बढ़त 11-5 हो गई। इसके बाद त्रीसा व गायत्री पर थकान हावी हुई और वे पहले गेम जैसी आक्रामकता नहीं दिखा सकीं। वहीं चीनी जोड़ी ने लगातार अंक जुटाए और 17-7 की बड़ी बढ़त बना ली। अंत में लियू और टैन निंग ने क्रॉस-कोर्ट शॉट के साथ मुकाबला खत्म किया।

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