रांची, 2 नवंबर। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। गम्हरिया थाने के परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म और दुर्व्यवहार के मामले में अब तक 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, मामले में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने रविवार को दो सब-इंस्पेक्टर, चार असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, दो हवलदार और एक कांस्टेबल समेत नौ अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। इन पर घटना की जानकारी समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं देने और मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। इससे पहले थाने के एसएचओ समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन गिरफ्तार
इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकरा, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी (ओडी) और थाने का मुंशी शामिल हैं। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी ने रविवार को गम्हरिया थाने का दौरा किया और जांच की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पति के उत्पीड़न की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी महिला
पुलिस के मुताबिक, दुग्धा गांव की रहने वाली महिला गुरुवार देर रात पारिवारिक विवाद और पति द्वारा कथित उत्पीड़न की शिकायत लेकर गम्हरिया थाने पहुंची थी। देर रात होने के कारण उसे थाने में ही रुकने की सलाह दी गई। आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकरा महिला को थाने के परिसर में स्थित एक कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
घटना की जांच के लिए एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और संबंधित कमरे को सुरक्षित रखने के लिए सील कर दिया। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


