AIGJDC चेयरमैन राजेश रोकड़े का अनुमान- रिकॉर्ड तोड़ सकता है सोना, मौजूदा कीमत से दोगुनी हो सकती है चांदी

नई दिल्ली, 22 अगस्त। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता, शेयर बाजारों के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जबर्दस्त तेजी देखने को मिल रही है। सराफा बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में दोनों कीमती धातुओं में बड़ी रैली आ सकती है।

भारतीय बाजार के ट्रेंड और एक्सपर्ट्स की सलाह

ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (AIGJDC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने भारतीय बाजार के मौजूदा हालात पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में पहले ही एक बड़ा करेक्शन आ चुका है और मुनाफावसूली का दौर पूरा हो चुका है। यहां से सोने में करीब 30 प्रतिशत की और तेजी आ सकती है। हालांकि, चांदी में इससे भी कहीं ज्यादा तेज उछाल आने की संभावना है और यह अपने मौजूदा स्तरों से दोगुनी तक हो सकती है।

ज्वैलरी मार्केट में आया बड़ा बदलाव

राजेश रोकड़े ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सोने के दाम लोगों की घरेलू आमदनी के मुकाबले बहुत तेजी से बढ़े हैं। इस वजह से आम आदमी के लिए पारंपरिक 22 कैरेट की भारी ज्वैलरी खरीदना बजट से बाहर होता जा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए अब सराफा बाजार और ज्वैलर्स ने अपनी रणनीति बदल दी है। बाजार में अब हल्के वजन (लाइटवेट) के गहनों की मांग बढ़ गई है। इसके साथ ही ज्वैलर्स अब 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक कि 9 कैरेट की ज्वैलरी के बेहतरीन विकल्प भी पेश कर रहे हैं ताकि आम उपभोक्ता अपने बजट के अनुसार सोने की खरीदारी कर सकें और परंपराएं भी बनी रहें।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं कीमतें

कमोडिटी विशेषज्ञ और मार्केट रिसर्चर डॉ. अनुज गुप्ता के अनुसार हाल के दिनों में सोने की कीमतों में 5.13 प्रतिशत का भारी उछाल आया है, जिससे घरेलू बाजार में यह 1,62,438 रुपये प्रति 10 ग्राम के 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 5.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,602 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में भी 4.52 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह 2,46,597 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। जानकारों के अनुसार आने वाले समय में भी यह ट्रेंड बुलिश रहेगा। अगले कुछ समय के लिए सोने को 1,54,000 से 1,57,000 रुपये पर मजबूत सपोर्ट और 1,65,000 से 1,68,000 रुपये पर रेजिस्टेंस मिलने की उम्मीद है। वहीं चांदी के लिए मजबूत सपोर्ट 2,35,000 से 2,40,000 रुपये और रेजिस्टेंस 2,50,000 से 2,56,000 रुपये के बीच देखा जा रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम? अमेरिकी कर्ज और डॉलर का संकट

सैमको सिक्योरिटीज लिमिटेड के रिसर्च हेड अपूर्व शेठ ने इस तेजी के पीछे के बड़े वैश्विक कारणों को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका का कुल कर्ज इतिहास में पहली बार 40 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर को पार कर गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कर्ज कम करने के दावों के बावजूद यह लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि अमेरिका अब अपने रक्षा बजट से ज्यादा पैसा सिर्फ इस कर्ज के ब्याज को चुकाने में खर्च कर रहा है।

इतिहास गवाह है कि जब भी किसी बड़े साम्राज्य का ब्याज खर्च उसके रक्षा बजट से अधिक हो जाता है तो वैश्विक बाजार पर उसकी पकड़ कमजोर होने लगती है। मौजूदा समय में अमेरिकी डॉलर का मुकाबला करने के लिए कोई दूसरी मजबूत करेंसी उपलब्ध नहीं है, इसलिए दुनियाभर के बैंकों और निवेशकों के लिए सोना ही एकमात्र सबसे सुरक्षित और न्यूट्रल विकल्प बनकर उभरा है। इसके साथ ही अमेरिकी सेंट्रल बैंक (फेड) द्वारा बॉण्ड खरीद बढ़ाकर बाजार में अतिरिक्त नकदी (लिक्विडिटी) डाली जा रही है, जिससे सोने की सेफ-हेवन के रूप में मांग और मजबूत हुई है।

विशेषज्ञों का साफ संदेश है कि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए सोने-चांदी में निवेश का आकर्षण बना रहेगा। निवेशकों को बहुत तेज उछाल के दौरान महंगे दामों पर दौड़कर खरीदने से बचना चाहिए और जब भी बाजार थोड़ा नीचे आए, तब धीरे-धीरे अपनी होल्डिंग बढ़ानी चाहिए।

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