नई दिल्ली, 22 जुलाई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जारी आंदोलन से राजनीतिक गहमागहमी के बीच एक तो वैसे ही पिछले तीन दिनों से संसद का मानसून सत्र लगभग ठप है। इसी बीच बुधवार को नवगठित नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की कुछ महिला सांसदों से तीखी झड़प के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी को मौजूदा सत्र की बची अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।
दरअसल, बुधवार को हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित होने के बाद टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी और उनके पूर्व पार्टी सहयोगी तथा एनसीपीआई के कुछ सांसदों के बीच सदन में तीखी नोकझोंक हुई। इस नोकझोंक में एनसीपीआई नेता मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं।
इसके बाद दो महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से शिकायत कर दी कि कल्याण बनर्जी ने उनके साथ बदसलूकी की और अपशब्द कहे। इसी शिकायत के बाद लोकसभा स्पीकर बिरला ने कल्याण बनर्जी को मौजूदा सत्र की बची अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद बनर्जी को सत्र के बाकी समय के लिए सदन परिसर में आने से रोक दिया गया। TMC के साथी सांसद उन्हें सुनवाई के लिए स्पीकर से मिलवाने ले गए। उल्लेखनीय है कि कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दोनों पक्षों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ। विपक्ष के कुछ सांसदों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा घटना के बारे में पूछे जाने पर कल्याण बनर्जी सदन से बाहर चले गए। इसके बाद मिताली बाग, काकोली घोष दस्तीदार और एनसीपीआई के कुछ अन्य सांसद इस मामले को उठाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, बिरला ने एनसीपीआई के सांसदों से इस संबंध में लिखित शिकायत देने को कहा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर एनसीपीआई का दामन थाम लिया था। वे लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसदों से अलग बैठ रहे हैं। एनसीपीआई के सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी अपना समर्थन जताया है।
