नई दिल्ली, 22 जुलाई। संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी विपक्षी सांसदों के हंगामे की भेंट चढ़ गया और दोनों सदनों की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दरअसल, बुधवार को विपक्ष ने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दोनों सदनों में युवाओं पर की गई पुलिस काररवाई का मुद्दा उठाया, जिस पर जमकर हंगामा देखने को मिला। इसके बाद लोकसभा-राज्यसभा की दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
खरगे बोले- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, तभी नीट पेपर लीक मामले पर होगी चर्चा
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वे सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी चाहते हैं, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दें। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है, लेकिन विपक्ष मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।
जैसा कि कहा गया है कि नियम 267 के तहत चर्चा 'rarest of the rare' केस में होती है, लेकिन आज जो हालात हैं, वो ऐसे ही हैं।
क्योंकि आज छात्रों, बच्चों, महिलाओं को घसीटा जा रहा है, उन्हें मारा-पीटा और तंग किया जा रहा है।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री… pic.twitter.com/uJT93979NZ
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इससे पहले, जब लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू करने के लिए एकत्रित हुई, तो अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नीट पेपर लीक और छात्र विरोध का मुद्दा उठाया, जिसके चलते लोकसभा को मध्याह्न 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने छात्र विरोध प्रदर्शन का मामला उठाया। अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सरकार इस मामले पर चर्चा के लिए तैयार है और चर्चा के समय को लेकर सभी को एकमत होना चाहिए। हंगामा जारी रहने पर सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
राज्यसभा में भी यही स्थिति देखने को मिली। मध्याह्न 12 बजे पहले स्थगन के बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ तो विपक्ष ने नीट मामले पर फिर से नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। बाद में इसे गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
मोदी सरकार की काली करतूतों के खिलाफ, काले कपड़ों में प्रदर्शन
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विपक्षी सांसद विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे
इस बीच राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग भी दोहराई।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र से निलंबित
संसद में जारी हंगामे के बीच ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया। उन पर महिला सांसदों के खिलाफ अभद्र व्यवहार और असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं।
बुधवार को सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी सांसद केपी तेन्नेटी ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष को कल्याण बनर्जी के कथित आचरण और भाषा को लेकर लिखित शिकायत मिली है, जिसके बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कल्याण बनर्जी को संसद के मौजूदा मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया और सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
घर या ऑफिस नहीं, जनता दरबार में आकर मिलें मंत्री : CJP
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि उसने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर बातचीत की पेशकश ठुकरा दी है। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया, “पुलिस ने हमसे संपर्क कर कहा था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उनसे दोबारा बात करना चाहते हैं। लेकिन हमने साफ तौर पर मना कर दिया। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जा रहे हैं। यहां ‘जनता दरबार’ लगाया जा रहा है और यदि मंत्री बात करना चाहते हैं, तो उन्हें लोगों के पास आना चाहिए।” गौरतलब है कि सीजेपी के प्रतिनिधियों ने गत 20 जुलाई को नड्डा से बातचीत की थी, जब कथित तौर पर उन्होंने बात करने से पहले घंटों इंतजार करवाया गया था।
