अमेरिका ने सीरिया में ISIS के ठिकानों पर की बमबारी कर मचाई तबाही, जवानों की मौत का लिया बदला

वाशिंगटन, 11 जनवरी। सीरिया में पिछले महीने हुए हमले में 2 अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी सिविलियन इंटरप्रेटर मारे गए थे। इस हमले के बाद अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जवाबी हमलों का एक और दौर शुरू किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार सीरिया में बड़े पैमाने पर हमले अमेरिका ने पार्टनर फोर्सेज के साथ मिलकर किए हैं। इन हमलों में पूरे सीरिया में इस्लामिक स्टेट के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

अमेरिका ने लॉन्च किया बड़ा ऑपरेशन
शनिवार को अमेरिका की ओर से किए गए हमले एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा हैं, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पिछले महीने पाल्मायरा में हुए ISIS के जानलेवा हमले का जवाब हैं। ISIS के हमले में सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर, सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड और सिविलियन इंटरप्रेटर अयाद मंसूर सकत मारे गए थे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बड़ा बयान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को एक बयान में कहा, “हमारा संदेश साफ है, अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको ढूंढ निकालेंगे और दुनिया में कहीं भी मार देंगे, चाहे आप न्याय से बचने की कितनी भी कोशिश क्यों ना करें।” अमेरिकी सेना ने कहा कि शनिवार के हमले पार्टनर फोर्सेज के साथ मिलकर किए गए, लेकिन यह नहीं बताया कि किन फोर्सेज ने इन हमलों में हिस्सा लिया था।

अमेरिका ने लॉन्च किया ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक

ट्रंप प्रशासन पाल्मायरा हमलों के जवाब को ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक कह रहा है। टोरेस-टोवर और हॉवर्ड दोनों आयोवा नेशनल गार्ड के सदस्य थे। इससे पहले 19 दिसंबर को एक और बड़े हमले में सेंट्रल सीरिया में 70 ठिकानों को निशाना बनाया गया था, जहां IS का इंफ्रास्ट्रक्चर और हथियार थे।

अमेरिका का साथ दे रही है सीरिया सरकार

कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज सालों से सीरिया में IS के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका की मुख्य पार्टनर रही है। दिसंबर 2024 में पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर असद को हटाए जाने के बाद से, वॉशिंगटन सीरिया की नई सरकार के साथ तेजी से तालमेल बिठा रहा है। सीरिया हाल ही में IS के खिलाफ वैश्विक गठबंधन में शामिल हुआ है।

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